बस्तर में शाह का नक्सलवाद हटाओ, विकास बढ़ाओ संदेश
केंद्रीय गृह मंत्री ने आत्मसमर्पण और क्षेत्रीय विकास पर जोर दिया
Jagdalpur, Chhattisgarh: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार (4 अक्टूबर, 2025) को बस्तर दशहरा लोकोत्सव और स्वदेशी मेला में संबोधन देते हुए कहा कि बस्तर में नक्सलियों से कोई बातचीत नहीं होगी। उन्होंने सभी नक्सलियों से अपील की कि वे हथियार डालें और मुख्यधारा में शामिल होकर क्षेत्र के विकास में भाग लें।
शाह ने कहा कि हथियारों के बल पर शांति भंग करने वालों को सुरक्षा बल उचित जवाब देंगे। उन्होंने आदिवासियों से अनुरोध किया कि अपने गांव के युवाओं को समझाएं कि वे मुख्यधारा में लौटकर विकास के कार्यों में सहभागी बनें।
राज्य और केंद्र सरकार का विकास संकल्प
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ और केंद्र सरकार दोनों नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि “31 मार्च, 2026 तक बस्तर और आसपास के क्षेत्रों से नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है।” शाह ने कहा कि हथियार छोड़ने वालों के लिए विशेष आत्मसमर्पण योजना बनाई गई है।
नक्सलवाद और विकास
शाह ने नक्सलवाद को बस्तर के विकास में सबसे बड़ा बाधक बताया। उन्होंने बताया कि पूरे देश में गांवों में बिजली, सड़क, पानी, शौचालय, स्वास्थ्य बीमा और धान के उचित मूल्य की व्यवस्था है, लेकिन बस्तर नक्सलवाद के कारण पिछड़ा रहा।
आत्मसमर्पण और वित्तीय प्रोत्साहन
शाह ने कहा कि हाल के एक महीने में 500 से अधिक लोग नक्सलवाद छोड़कर मुख्यधारा में लौट आए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि नक्सलवाद समाप्त होने के बाद प्रत्येक गांव के विकास के लिए एक करोड़ रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
स्वदेशी जागरूकता और योजनाएं
केंद्रीय मंत्री ने स्वदेशी उत्पादों के उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 395 वस्तुओं पर GST घटाकर आम जनता को राहत दी है। उन्होंने आदिवासियों के लिए केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी, जैसे महतारी वंदन योजना और मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना।
समापन
शाह ने आदिवासी गौरव और योगदान की सराहना की और भरोसा दिलाया कि केंद्र और राज्य मिलकर बस्तर को नक्सलवाद से मुक्त कर आदिवासियों का सतत विकास सुनिश्चित करेंगे।

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संजना झा पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं। वर्तमान में वह हिंदी माइक में बतौर असिस्टेंट एडिटर कार्यरत हैं। उन्हें समसामयिक घटनाएँ, राजनीति एवं लाइफस्टाइल जैसे विषयों में गहरी समझ और लेखन का व्यापक अनुभव प्राप्त है। अपनी खोजपरक दृष्टि, तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विषयों की गहराई तक पहुंचने की शैली के लिए वह जानी जाती हैं।
ज्वाइनिंग डेट: 16 अगस्त 2025

