बिहार की रैली में नीतीश बोले – अब डर नहीं, लेकिन पहले क्या होता था?
समस्तीपुर की रैली में नीतीश कुमार ने बताया कि पहले बिहार में भय और झगड़े का माहौल था, लेकिन अब राज्य में अमन और विकास की राह पर है।
समस्तीपुर के सरायरंजन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार अब पहले जैसा नहीं रहा। उन्होंने कहा कि पहले के दौर में शाम ढलते ही लोग घर से बाहर निकलने से डरते थे। “उस समय हर तरफ भय और असुरक्षा का माहौल था, हिंदू-मुस्लिम झगड़े आम बात थी, और बच्चों की पढ़ाई बहुत कम होती थी,” उन्होंने कहा।
अब झगड़ा नहीं होता – नीतीश कुमार
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब उन्हें मौका मिला, तो उन्होंने कब्रिस्तानों की घेराबंदी करवाई ताकि धार्मिक विवाद खत्म हों। “अब झगड़ा नहीं होता है,” उन्होंने कहा। नीतीश कुमार ने बताया कि 2016 में मंदिरों के आसपास भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई। “हमने बड़ी संख्या में स्कूल खोले, और बच्चों को पढ़ाई के लिए पोशाक व साइकिल योजना शुरू की। इससे लड़के-लड़कियों दोनों की पढ़ाई में सुधार हुआ।”
मुस्लिम समुदाय और मखाना बोर्ड पर घोषणा
रैली में मुख्यमंत्री ने मुस्लिम समुदाय के विकास पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने सभी वर्गों के लिए समान अवसर देने का काम किया है। “2025 के बजट में हमने मखाना बोर्ड समेत कई नई योजनाओं की घोषणा की है,” नीतीश ने कहा।
‘पीएम मोदी बिहार को सौगात दे रहे हैं’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “हमारे प्रधानमंत्री बहुत बार बिहार आते हैं। जगह-जगह जाकर लोगों की समस्याएं सुनते हैं। 2024 में सरकार बनने के बाद बिहार को कई सौगातें दी गई हैं।” नीतीश जिस मंच से बोल रहे थे, उसके पीछे पीएम मोदी की तस्वीर लगी थी।
शिक्षकों की बहाली और विकास के काम
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने बड़ी संख्या में सरकारी शिक्षकों की बहाली की है। “बीपीएससी के जरिए दो लाख 58 हजार शिक्षकों की भर्ती की गई है,” उन्होंने कहा। उन्होंने आगे जोड़ा, “जब 2005 में हमारी सरकार बनी, तब बिहार की हालत बहुत खराब थी। सड़कें टूटी थीं, बिजली बहुत कम जगह थी और स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल थीं। हमने धीरे-धीरे सब सुधारा।”
नीतीश कुमार ने अंत में कहा कि बिहार आज भय नहीं, विश्वास और विकास का प्रतीक बन चुका है।

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संजना झा पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं। वर्तमान में वह हिंदी माइक में बतौर असिस्टेंट एडिटर कार्यरत हैं। उन्हें समसामयिक घटनाएँ, राजनीति एवं लाइफस्टाइल जैसे विषयों में गहरी समझ और लेखन का व्यापक अनुभव प्राप्त है। अपनी खोजपरक दृष्टि, तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विषयों की गहराई तक पहुंचने की शैली के लिए वह जानी जाती हैं।
ज्वाइनिंग डेट: 16 अगस्त 2025

