ट्रम्प की टैरिफ से लेकर बिहार चुनाव तक मोदी ने विपक्ष को किया क्लीन बोल्ड!

पीएम मोदी ने ट्रंप से लेकर चीन तक सभी को संदेश दिया, कोरोना, डिजिटल क्रांति और नक्सलवाद पर विस्तार से बोले

सामने बैठे ऋषि सुनक और दुनिया की बड़ी-बड़ी हस्तियां.,..पीएम मोदी ने माइक संभाला और फिर अपने ही अंदाज़ में पूरी दुनिया को संदेश दे दिया… टैरिफ के नाम पर धमकाने वाले ट्रंप से लेकर भारत के आंख दिखाने वाले चीन तक को.. भारत का विजन क्या है? भारत की सोच क्या है और आने वाले वक्त में भारत कहां जाने वाला है, पीएम मोदी बोल रहे थे और सब एकटक सुन रहे थे…और क्या कहा पीएम मोदी ने, किस-किस को दिया संदेश, दिल्ली से कैसे साध गए बिहार का चुनाव और कैसे विपक्ष को कर दिया क्लीन बोल्ड पूरी खबर रिपोर्ट में देखिए!

दरअसल देश के प्रधानमंत्री जब दुनिया के किसी भी मंच से भाषण देते है तो वर्ल्ड के बड़े-बड़े नेता ध्यान से सुनते है,और ये तो भाषण भारत में ही था, लेकिन सामने बैठे थे विदेशी मेहमान,फिर क्या मोदी ने मंच संभाला और एक साथ सबको साध लिया…

पीएम मोदी ने कहा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा आज भारत रुकने के मूड में नहीं है। हम न रुकेंगे, न थमेंगे। 140 करोड़ देशवासी मिलकर तेजी से आगे बढ़ेंगे। आज जब दुनिया में रोड ब्लॉक्स हैं, स्पीड ब्रेकर हैं, तब अनस्टॉपेबल भारत की चर्चा स्वाभाविक है। मैं इसे 11 साल पहले की स्थिति और आज के संदर्भ में समझाने की कोशिश करता हूं। आप याद कीजिए, 2014 से पहले ऐसे समिट्स में क्या बातें होती थीं। उस वक्त हेडलाइंस कुछ इस तरह होती थीं – भारत ग्लोबल चुनौतियों को कैसे झेलेगा? पॉलिसी पैरालिसिस में कब तक फंसा रहेगा? भारत में बड़े-बड़े घोटाले कब बंद होंगे? महिला सुरक्षा को लेकर सवाल उठते थे। आतंकी स्लीपर सेल्स के बेकाबू होने के खुलासे सामने आते थे। महंगाई को लेकर लोग परेशान थे।

“महंगाई डायन खाय जात है” जैसे गीत हर तरफ सुनाई देते थे। उस समय देश के लोगों को और दुनिया को भी लगता था कि इतने सारे संकटों के जाल में फंसा हुआ भारत इनसे कभी बाहर नहीं निकल पाएगा। लेकिन बीते 11 सालों में भारत ने हर आशंका को ध्वस्त कर दिया, हर चुनौती को पस्त कर दिया। हमने दिखाया कि भारत न केवल संकटों से बाहर निकल सकता है, बल्कि दुनिया के सामने एक मिसाल बन सकता है। दरअसल नई दिल्ली के भारत मंडपम में एनडीटीवी वर्ल्ड समिट 2025 का मंच सजा हुआ था जहाँ देश विदेश से दर्शक दीर्घा में विदेशी नेता, विपक्षी नेता, बिजनेस लीडर और आम लोग बैठे थे जहाँ ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, श्रीलंका की प्रधानमंत्री डॉ. हरिनी अमरसूरिया, और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी एबॉट। भारत से विपक्ष की ओर से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जी और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल मौजूद थे।

तब प्रधानमत्री ने अपने सम्बोधन से एक बार फिर भारत वासियों का दिल जीत लिया जब कोरोना का संकट आया, तब फिर सवाल उठे – भारत की ग्रोथ का क्या होगा? क्या भारत इस महामारी को झेल पाएगा? लेकिन भारत ने एक बार फिर सारे कयासों को गलत साबित कर दिया। हमने न सिर्फ अपने लोगों की जान बचाई, बल्कि दुनिया के कई देशों को वैक्सीन देकर उनकी मदद की। आज भारत सबसे तेजी से विकास करने वाली इकॉनमी बनकर आगे बढ़ रहा है। बीते तीन सालों में भारत की औसत विकास दर 7.8% रही है। यह कोई छोटी उपलब्धि नहीं है, यह अप्रत्याशित है। हमने भारत को फ्रेजाइल फाइव से निकालकर टॉप फाइव इकॉनमीज में शामिल कर दिया। आज भारत चिप से लेकर शिप तक, हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा है। ग्रीन एनर्जी में निवेश हो रहा है, सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में भारत नई ऊंचाइयां छू रहा है। यूरोप के देशों ने भारत में 100 बिलियन डॉलर के निवेश का ऐलान किया है। यह विश्वास भारत की ताकत का सबूत है। मैं मानता हूं कि देश की असली ताकत उसके लोगों में होती है। देश के लोग अपने सामर्थ्य का सही इस्तेमाल तभी कर पाते हैं, जब सरकार उनके जीवन में न दबाव डाले, न दखल दे। जहां ज्यादा सरकारीकरण होगा, वहां उतने ही ब्रेक लगेंगे। और जहां ज्यादा लोकतांत्रिकरण होगा, वहां स्पीड बढ़ेगी। दुर्भाग्य से, 60 साल तक सत्ता में रही कांग्रेस ने पॉलिसी प्रोसेस को सरकारीकरण की ओर धकेला।

पीएम मोदी का कांग्रेस पर हमला ….

उन्होंने “गरीबी हटाओ” का नारा तो दिया, लेकिन गरीबी नहीं हटी। हमने पॉलिसी को आसान बनाया, इसे लोकतांत्रिक बनाया। इसके नतीजे देखिए – पिछले 11 सालों में 25 करोड़ गरीब परिवार गरीबी रेखा से बाहर आए। आयुष्मान भारत योजना से गरीबों को 1.25 लाख करोड़ रुपये की चिकित्सा मदद मिली। डिजिटल क्रांति के कारण 1 जीबी डेटा की कीमत 300 रुपये से घटकर 10 रुपये हो गई। भारत डिजिटल ट्रांजेक्शन में दुनिया में नंबर वन है। पहले बैंक घाटे में डूबे थे, आज वे रिकॉर्ड मुनाफा कमा रहे हैं। 10 करोड़ गरीब परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन मिला, जो पहले सपने जैसा था। सुरक्षा के मोर्चे पर भी भारत ने लंबी छलांग लगाई है। 2014 से पहले आतंकी स्लीपर सेल्स की खबरें आती थीं, आज भारत सुरक्षित है। हम आतंकी हमलों का मुंहतोड़ जवाब देते हैं। और नक्सलवाद का मुद्दा… मैं इस पर बहुत बेचैन रहता था। मैंने जुबान पर ताला लगाकर रखा था, लेकिन आज पहली बार अपना दर्द बयां कर रहा हूं। 125 जिले नक्सलवाद से प्रभावित थे, आज सिर्फ 11 बचे हैं। हजारों माओवादी सरेंडर कर चुके हैं। मैं गारंटी देता हूं – जल्द ही भारत माओ-नक्सल मुक्त होगा। इस दीवाली, उन क्षेत्रों में रौनक लौटेगी।

दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा श्रीलंकाई प्रधानमंत्री हरिनी अमरसूर्या से लेकर ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, पूर्व ऑस्ट्रेलियाई प्रधान मंत्री टोनी एबॉट सहित कई दिग्गजों ने NDTV वर्ल्‍ड समिट 2025 में शिरकत की. इसके साथ ही ग्रैमी विजेता रिकी केज, अभिनेता सामंथा रूथ प्रभु और बीसीसीआई के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने भी अपने विचार शेयर किए.

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