भारत में लौटे 8 चीते – कुनो नेशनल पार्क में नई दहाड़
बोत्सवाना से आए 8 चीते कुनो नेशनल पार्क में शामिल, वन्यजीव संरक्षण और प्रजाति पुनर्स्थापन में ऐतिहासिक कदम।
भारत और बोत्सवाना के बीच वन्यजीव संरक्षण का एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। बोत्सवाना ने 8 चीते (Cheetahs) भारत को सौंपे, जो कि मोकोलोदी नेचर रिजर्व में आयोजित एक कार्यक्रम में किया गया। इस अवसर पर भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और बोत्सवाना के राष्ट्रपति ड्यूमा गिडीयन बोको मौजूद थे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, “इन चीतेओं का उपहार बोत्सवाना की वन्यजीव संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। ये चीते भारत के कुनो नेशनल पार्क में अपने भाइयों और बहनों से जुड़ेंगे, और इस ऐतिहासिक आवासीय क्षेत्र में प्रजाति के पुनर्स्थापन में हमारी मदद करेंगे।”
भारत में चीते लंबे समय से विलुप्त हो चुके थे। वर्ष 1952 के बाद यह प्रजाति प्राकृतिक रूप से देश में नहीं पाई जाती थी। इस पुनर्स्थापन प्रयास के तहत बोत्सवाना से लाई गई 8 चीते कुनो नेशनल पार्क, मध्य प्रदेश में अपने नए आवास में रहेंगे। यह कदम भारत की वन्यजीव संरक्षण नीति और जैव विविधता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है।
बोत्सवाना और भारत के बीच यह चीते आदान-प्रदान दोनों देशों के सहयोग और पारस्परिक समझ का प्रतीक भी है। राष्ट्रपति मुर्मू ने इस मौके पर कहा कि यह कदम दोनों देशों के बीच पर्यावरणीय और जैविक संरक्षण में सहयोग को और मजबूत करेगा।
वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल केवल भारत में चीते की प्रजाति को फिर से स्थापित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय इकोसिस्टम को संतुलित करने और पारिस्थितिक तंत्र को मजबूत बनाने में भी मदद करेगी।
इस प्रकार, भारत में चीते पुनर्स्थापन प्रोजेक्ट अब और गति पकड़ने वाला है, और यह दोनों देशों के बीच वन्यजीव संरक्षण और पारिस्थितिकी सहयोग का एक ऐतिहासिक उदाहरण बन गया है।

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संजना झा पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं। वर्तमान में वह हिंदी माइक में बतौर असिस्टेंट एडिटर कार्यरत हैं। उन्हें समसामयिक घटनाएँ, राजनीति एवं लाइफस्टाइल जैसे विषयों में गहरी समझ और लेखन का व्यापक अनुभव प्राप्त है। अपनी खोजपरक दृष्टि, तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विषयों की गहराई तक पहुंचने की शैली के लिए वह जानी जाती हैं।
ज्वाइनिंग डेट: 16 अगस्त 2025

