नरेला बनेगा प्रदूषण हॉटस्पॉट: मंत्री आशीष सूद

मंत्री ने नरेला क्षेत्र का किया निरीक्षण, बोले—चिमनियाँ और लैंडफिल साइट्स प्रदूषण की बड़ी वजह

नई दिल्ली: दिल्ली के पर्यावरण मंत्री आशीष सूद ने राजधानी में बढ़ते प्रदूषण स्तर को लेकर नरेला औद्योगिक क्षेत्र का दौरा किया और हालात की गंभीरता पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जिस तरह से दिल्ली-एनसीआर में औद्योगिक गतिविधियों और चिमनियों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है, उसने प्रदूषण के स्तर को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है।

आशीष सूद ने कहा, “इन लैंडफिल साइट्स (कूड़े के पहाड़ों) से भी प्रदूषण की बड़ी मात्रा में गैसें निकलती हैं। ये खुद एक मुख्य प्रदूषण स्रोत बन चुके हैं। हमें इस पर त्वरित कदम उठाने की आवश्यकता है। नरेला क्षेत्र को प्रदूषण का हॉटस्पॉट घोषित किया जाना चाहिए ताकि यहाँ विशेष नियंत्रण योजना लागू की जा सके।”

उन्होंने कहा कि सरकार इस दिशा में काम कर रही है कि पानी के छिड़काव (वाटर स्प्रिंकलर) की संख्या बढ़ाई जाए और आसपास के इलाकों में धूल नियंत्रण तंत्र को और मज़बूत किया जाए। सूद ने कहा, “मैं यहां निरीक्षण के लिए आया हूं ताकि यह देख सकूं कि कौन से तंत्र काम कर रहे हैं और किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है। हमारा लक्ष्य है कि जल्द ही इस क्षेत्र में प्रदूषण के स्तर को काफी हद तक घटाया जाए।”

मंत्री ने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार अब औद्योगिक इकाइयों की निगरानी प्रणाली को डिजिटल मोड में ला रही है। इसके तहत प्रत्येक फैक्ट्री में स्मॉग नियंत्रण उपकरण, चिमनी फ़िल्टर, और ऑनलाइन मॉनिटरिंग सेंसर लगाने की योजना है ताकि प्रदूषण के स्रोतों की रियल-टाइम ट्रैकिंग की जा सके।

उन्होंने आगे कहा, “दिल्ली की हवा को स्वच्छ बनाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा — सरकार, उद्योग, और नागरिक तीनों की जिम्मेदारी है कि मिलकर दिल्ली को सांस लेने लायक शहर बनाएं।”

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