तमिलनाडु में प्रवासी मजदूर पर हमला, डीएमके सरकार पर मिश्रा का बयान
तमिलनाडु में ओडिशा के प्रवासी मजदूर पर हमले को लेकर भाजपा नेता मनन कुमार मिश्रा ने डीएमके सरकार पर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का आरोप लगाया और केंद्र से हस्तक्षेप की मांग की।
दिल्ली: तमिलनाडु में ओडिशा के एक प्रवासी मजदूर पर चार युवकों द्वारा किए गए हमले को लेकर सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है। भाजपा नेता और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए डीएमके सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है, जो बेहद चिंताजनक है।
मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि जिस तरीके से प्रवासी मजदूरों और आम लोगों के साथ अन्याय हो रहा है, वह न सिर्फ तमिलनाडु बल्कि पूरे देश के भविष्य के लिए ठीक संकेत नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ऐसे गंभीर मामलों पर समय रहते सख्त कदम उठाने में विफल साबित हो रही है। मिश्रा के अनुसार, इस तरह की घटनाएं यह दर्शाती हैं कि राज्य में प्रशासनिक नियंत्रण कमजोर पड़ता जा रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि तमिलनाडु के भविष्य के लिए भी यह स्थिति बेहद नुकसानदायक है। अगर सरकार समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं करती है, तो समाज में गलत संदेश जाएगा और अपराधियों के हौसले और बुलंद होंगे। मिश्रा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि डीएमके सरकार को इस मामले का गंभीरता से संज्ञान लेना चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।
भाजपा नेता ने इस दौरान पश्चिम बंगाल की स्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह ममता बनर्जी की सरकार के दौरान बंगाल में कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठते रहे हैं, अब वही हालात धीरे-धीरे तमिलनाडु में भी देखने को मिल रहे हैं। उनका कहना था कि राज्यों में बढ़ती अराजकता लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत नहीं है।
मनन कुमार मिश्रा ने केंद्र सरकार से भी इस पूरे मामले पर ध्यान देने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रवासी मजदूर देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकारों की जिम्मेदारी है। अगर किसी राज्य में प्रवासी मजदूर खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं, तो यह राष्ट्रीय स्तर का विषय बन जाता है। ऐसे में केंद्र को भी इस मामले का संज्ञान लेकर आवश्यक कदम उठाने चाहिए।

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संजना झा पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं। वर्तमान में वह हिंदी माइक में बतौर असिस्टेंट एडिटर कार्यरत हैं। उन्हें समसामयिक घटनाएँ, राजनीति एवं लाइफस्टाइल जैसे विषयों में गहरी समझ और लेखन का व्यापक अनुभव प्राप्त है। अपनी खोजपरक दृष्टि, तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विषयों की गहराई तक पहुंचने की शैली के लिए वह जानी जाती हैं।
ज्वाइनिंग डेट: 16 अगस्त 2025

