अमित शाह के बयान पर गुलाम अहमद मीर का हमला, बोले— SIR के बहाने बंगाल में नैरेटिव गढ़ रही है बीजेपी
कांग्रेस नेता बोले— हर राज्य में घुसपैठियों का नैरेटिव गढ़ रही है बीजेपी
अनंतनाग, जम्मू-कश्मीर। पश्चिम बंगाल कांग्रेस के प्रभारी और वरिष्ठ नेता गुलाम अहमद मीर ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हालिया बयान पर कड़ा पलटवार किया है। मीर ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी हर राज्य में चुनाव से पहले एक ही तरह का नैरेटिव गढ़ती है और SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के नाम पर घुसपैठियों का मुद्दा उठाकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश करती है।
गुलाम अहमद मीर ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब बीजेपी इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने झारखंड और बिहार का उदाहरण देते हुए कहा कि झारखंड विधानसभा चुनावों के दौरान भी इसी तरह का प्रचार किया गया था, लेकिन वहां की जनता ने बीजेपी को करारा जवाब दिया और गठबंधन सरकार बनाई।
उन्होंने बिहार का ज़िक्र करते हुए कहा कि वहां भी SIR प्रक्रिया के बहाने घुसपैठियों का मुद्दा उठाया गया था। पूरी प्रक्रिया और चुनाव के बाद करोड़ों वोटरों में से सिर्फ 312 लोग ऐसे पाए गए जो सही दस्तावेज़ प्रस्तुत नहीं कर सके। मीर ने स्पष्ट किया कि इससे यह साबित नहीं होता कि वे लोग घुसपैठिए थे।
पश्चिम बंगाल को लेकर बीजेपी के रुख पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि राज्य में फिलहाल फ़ाइनल वोटर लिस्ट रिवीजन की प्रक्रिया चल रही है और बीजेपी उसी का गलत इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा, “पश्चिम बंगाल बिहार नहीं है। बंगाल के लोग बेहद धर्मनिरपेक्ष हैं। वहां हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई आपसी भाईचारे के साथ रहते हैं।”
गुलाम अहमद मीर ने यह भी कहा कि अमित शाह पिछले 12 सालों से देश के गृह मंत्री हैं, फिर भी अगर वे आज घुसपैठियों की बात कर रहे हैं, तो यह उनकी नाकामी को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी की भाषा दरअसल बंगाली बोलने वाले लोगों को निशाना बनाने वाली है।
उन्होंने दो टूक कहा, “हर बंगाली बोलने वाला बांग्लादेशी नहीं होता।” कांग्रेस नेता ने इसे सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश बताते हुए कड़ी आलोचना की।

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संजना झा पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं। वर्तमान में वह हिंदी माइक में बतौर असिस्टेंट एडिटर कार्यरत हैं। उन्हें समसामयिक घटनाएँ, राजनीति एवं लाइफस्टाइल जैसे विषयों में गहरी समझ और लेखन का व्यापक अनुभव प्राप्त है। अपनी खोजपरक दृष्टि, तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विषयों की गहराई तक पहुंचने की शैली के लिए वह जानी जाती हैं।
ज्वाइनिंग डेट: 16 अगस्त 2025

