KKR खिलाड़ी विवाद पर मौलाना साजिद रशीदी का बयान, बहस और तेज
मुस्तफिजुर रहमान को लेकर विरोध पर इमाम एसोसिएशन प्रमुख ने हिंदुवादी नेताओं को घेरा
कोलकाता नाइट राइडर्स द्वारा बांग्लादेशी तेज़ गेंदबाज़ मुस्तफिज़ुर रहमान को ऑक्शन में शामिल किए जाने के बाद विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। टीम के मालिक शाहरुख़ ख़ान को लेकर एक तरफ़ हिंदुवादी संगठनों और कुछ कथावाचकों ने आपत्ति जताई है, वहीं दूसरी ओर ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी के बयान ने इस बहस को और तीखा बना दिया है।
साजिद रशीदी ने विरोध करने वालों पर सीधा सवाल उठाते हुए कहा कि यह मामला खेल से ज़्यादा धर्म से जोड़कर देखा जा रहा है। उनके मुताबिक, खिलाड़ी और टीम मालिक—दोनों के मुसलमान होने के कारण ही इस फैसले को निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि देश में अब बिना तथ्य और संविधान को समझे विरोध करना आम हो गया है। रशीदी का आरोप है कि जैसे ही किसी मामले में मुस्लिम नाम सामने आता है, विरोध अपने आप शुरू हो जाता है। उनका कहना था कि शाहरुख़ ख़ान और मुस्तफिज़ुर रहमान को लेकर हो रहा विरोध इसी मानसिकता को दिखाता है।
इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष ने हिंदुवादी नेताओं और कथावाचकों पर हमला बोलते हुए कहा कि यही लोग अक्सर मुसलमानों के खिलाफ बयान देते रहे हैं और अब क्रिकेट के फैसलों पर भी सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि धर्म के नाम पर समाज में नफरत फैलाने की कोशिश की जा रही है।
साजिद रशीदी ने यह भी कहा कि कोलकाता नाइट राइडर्स शाहरुख़ ख़ान की निजी टीम है और खिलाड़ियों का चयन करना उनका अधिकार है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर किसी फैसले में कानून या संविधान का उल्लंघन होगा तो सरकार और संबंधित संस्थाएं देखेंगी, लेकिन निजी फैसलों पर सड़क पर विरोध करना किस आधार पर सही है।
अपने बयान के अंत में रशीदी ने कहा कि मुसलमान संयम और धैर्य से काम ले रहे हैं, लेकिन कुछ लोग इस संयम को कमजोरी समझ रहे हैं। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि समाज में शांति बनाए रखना सभी की ज़िम्मेदारी है और नफरत की राजनीति देश के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।

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संजना झा पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं। वर्तमान में वह हिंदी माइक में बतौर असिस्टेंट एडिटर कार्यरत हैं। उन्हें समसामयिक घटनाएँ, राजनीति एवं लाइफस्टाइल जैसे विषयों में गहरी समझ और लेखन का व्यापक अनुभव प्राप्त है। अपनी खोजपरक दृष्टि, तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विषयों की गहराई तक पहुंचने की शैली के लिए वह जानी जाती हैं।
ज्वाइनिंग डेट: 16 अगस्त 2025

