यूजीसी कानून पर विवाद, शिक्षा मंत्री का भरोसा, कुमार विश्वास की नाराजगी

यूजीसी कानून के विरोध में देशभर में प्रदर्शन, कुमार विश्वास की नाराजगी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का भरोसा

यूजीसी बिल को लेकर देशभर में सवर्ण समाज का विरोध, छात्रों का प्रदर्शन तेज
यूजीसी बिल को लेकर देशभर में सवर्ण समाज में आक्रोश देखने को मिल रहा है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से लेकर लखनऊ विश्वविद्यालय और देश के कई अन्य विश्वविद्यालयों में सवर्ण समाज के छात्र इस कानून के विरोध में लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि नए कानून में यह मान लिया गया है कि जनरल कैटेगरी के छात्र दोषी हैं, जबकि इसमें ऐसा कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है कि अगर किसी पर झूठा आरोप लगाया जाए तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई होगी।

इस पूरे प्रकरण को लेकर बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद सरकार ने उन्हें सस्पेंड कर दिया।

इस मुद्दे पर मशहूर हिंदी कवि कुमार विश्वास ने भी विरोध जताया है। कुमार विश्वास ने अपनी सख्त नाराजगी जाहिर करते हुए स्वर्गीय रमेश रंजन मिश्र द्वारा रचित कविता की चार पंक्तियां सोशल मीडिया पर साझा कीं और यूजीसी से नियम वापस लेने की मांग की।
उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा—
“चाहे तिल लो या ताड़ लो राजा,
राई लो या पहाड़ लो राजा,
मैं अभागा ‘सवर्ण’ हूं मेरा,
रौंया-रौंया उखाड़ लो राजा..”
(स्व० रमेश रंजन मिश्र)
इस पूरे विवाद पर अब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि वे सभी को विनम्रता से विश्वास दिलाना चाहते हैं कि किसी का उत्पीड़न या भेदभाव नहीं होगा और कोई भी कानून का गलत इस्तेमाल नहीं कर पाएगा।
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि भेदभाव के नाम पर किसी को कानून को मिसयूज करने का अधिकार नहीं रहेगा। इसमें यूजीसी, केंद्र सरकार और राज्य सरकार सभी की जिम्मेदारी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि जो भी व्यवस्था होगी, वह संविधान की परिधि के अंदर होगी और यह पूरा विषय सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में तय किया गया है।

इस पूरे मामले पर शिक्षा मंत्रालय जल्द ही अपनी ओर से स्पष्टीकरण पेश कर सकता है। हालांकि, सरकार की ओर से लगातार सफाई दिए जाने के बावजूद विरोध प्रदर्शन कम होने का नाम नहीं ले रहा है।

Share Now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *