फिल्म रिव्यू: वध 2 – सस्पेंस, शॉक और शानदार अभिनय का दमदार मेल
शानदार कहानी के साथ दमदार अभिनय का जबरदस्त संगम
अगर आपको लगता है कि आप हर मर्डर मिस्ट्री में शुरुआत से ही कातिल पहचान लेते हैं और खुद को शेरलॉक होम्स का रिश्तेदार समझते हैं, तो वध 2 आपकी इस गलतफहमी को तोड़ देगी। फिल्म आपको बार-बार यह एहसास दिलाती है कि आप कहानी समझ चुके हैं, लेकिन हर बार फिल्म आपको चकमा दे जाती है। वध के मुकाबले वध 2 में शॉक वैल्यू कहीं ज्यादा है और यह पहले पार्ट से बेहतर साबित होती है।
कहानी
वध 2 को सीक्वल कहना ठीक नहीं होगा, क्योंकि इसकी कहानी पूरी तरह नई है। फिल्म एक हत्या के इर्द-गिर्द घूमती है, लेकिन किसकी हत्या होती है और कातिल कौन है—यह सब जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी। मेकर्स ने कहानी को लेकर ज्यादा खुलासा नहीं किया है और यही इसकी सबसे बड़ी ताकत है। यह फिल्म थिएटर में देखने के लिए बनी है।
कैसी है फिल्म
फिल्म का स्क्रीनप्ले बेहद मजबूत है। वध 2 आपको एक पल के लिए भी सीट से उठने या मोबाइल देखने का मौका नहीं देती। कहानी सही रफ्तार में आगे बढ़ती है और सस्पेंस को आख़िरी सीन तक बनाए रखती है। जैसे-जैसे परतें खुलती हैं, आपको लगता है कि अब सब समझ आ गया, लेकिन क्लाइमैक्स ऐसा मोड़ लेता है जिसकी आप कल्पना भी नहीं करते।
फिल्म में संजय मिश्रा और नीना गुप्ता की लव स्टोरी दिल छू लेने वाली है। 2 घंटे 10 मिनट की यह फिल्म कहीं भी लंबी नहीं लगती। भले ही इसमें कोई सुपरस्टार न हो, लेकिन यह ऐसी फिल्म है जिसे थिएटर में जाकर देखना चाहिए ताकि इस तरह की अच्छी फिल्मों को बढ़ावा मिले।
एक्टिंग
संजय मिश्रा एक बार फिर साबित करते हैं कि वह कितने शानदार अभिनेता हैं। उनका अभिनय बेहद स्वाभाविक है। नीना गुप्ता हर भाव में कमाल करती हैं—चाहे प्यार हो या दबा हुआ डर। कुमुद मिश्रा ने ईमानदार लेकिन जातिवादी सोच रखने वाले जेलर का किरदार बेहद प्रभावशाली ढंग से निभाया है।
अमित सिंह पुलिस अफसर के रोल में सटीक हैं और बड़े कलाकारों के बीच फीके नहीं पड़ते। अक्षय डोगरा अपने किरदार में खतरनाक नजर आते हैं। शिल्पा शुक्ला का काम संतुलित है, जबकि योगिता बिहानी ने मासूमियत के साथ अपनी भूमिका निभाई है।
राइटिंग और डायरेक्शन
जसपाल सिंह संधू ने लेखन और निर्देशन दोनों में पूरी ईमानदारी दिखाई है। वध से शुरू हुई उनकी निर्देशन यात्रा वध 2 में और ज्यादा परिपक्व नजर आती है।
रेटिंग
⭐ ⭐ ⭐ ⭐ (4 स्टार)

Author
संजना झा पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं। वर्तमान में वह हिंदी माइक में बतौर असिस्टेंट एडिटर कार्यरत हैं। उन्हें समसामयिक घटनाएँ, राजनीति एवं लाइफस्टाइल जैसे विषयों में गहरी समझ और लेखन का व्यापक अनुभव प्राप्त है। अपनी खोजपरक दृष्टि, तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विषयों की गहराई तक पहुंचने की शैली के लिए वह जानी जाती हैं।
ज्वाइनिंग डेट: 16 अगस्त 2025

