ग्लोबल साउथ की आवाज़ बुलंद! UN प्रमुख से पीएम मोदी की अहम मुलाकात

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेस से मुलाकात में समावेशी AI और वैश्विक सहयोग पर हुई चर्चा

प्रधानमंत्री Narendra Modi ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव António Guterres से मुलाकात के दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को समावेशी और मानव केंद्रित बनाने पर विस्तार से चर्चा की। इस बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि AI का विकास ऐसा होना चाहिए जिससे दुनिया के हर हिस्से को लाभ मिले, विशेष रूप से विकासशील देशों को।

प्रधानमंत्री ने कहा कि AI केवल तकनीकी प्रगति का विषय नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और आर्थिक बदलाव का भी बड़ा माध्यम बन सकता है। उन्होंने इस दिशा में संयुक्त राष्ट्र की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया और कहा कि वैश्विक स्तर पर संतुलित और न्यायपूर्ण AI ढांचा तैयार करने में UN रचनात्मक योगदान दे सकता है।

बैठक के दौरान भारत ने यह भी दोहराया कि वह ऐसी किसी भी पहल का समर्थन करता है जो AI को बेहतर और सुरक्षित दुनिया के निर्माण के लिए इस्तेमाल करने की दिशा में काम करे। प्रधानमंत्री ने कहा कि तकनीक का उद्देश्य मानव जीवन को बेहतर बनाना होना चाहिए और इसके लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुंचने चाहिए।

इस अवसर पर संयुक्त राष्ट्र सुधारों पर भी विचार-विमर्श हुआ। प्रधानमंत्री मोदी ने विशेष रूप से ‘ग्लोबल साउथ’ की आवाज़ को अधिक प्रतिनिधित्व देने की आवश्यकता पर बल दिया। उनका मानना है कि अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में विकासशील देशों की भागीदारी बढ़ाने से निर्णय प्रक्रिया अधिक संतुलित और प्रभावी होगी।

बैठक को भारत की सक्रिय कूटनीतिक भूमिका के रूप में देखा जा रहा है। वैश्विक मंचों पर भारत लगातार समावेशी विकास, तकनीकी सहयोग और बहुपक्षीय सुधारों की वकालत करता रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि AI और UN सुधारों जैसे मुद्दों पर यह चर्चा आने वाले समय में वैश्विक नीति निर्माण को प्रभावित कर सकती है। भारत ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह तकनीक और कूटनीति दोनों क्षेत्रों में जिम्मेदार और रचनात्मक भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।

Share Now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *