बारिश बनी सुपर-8 की सबसे बड़ी चुनौती! मैच रद्द हुआ तो क्या होगा फैसला?
टी20 वर्ल्ड कप के अहम दौर में मौसम बिगड़ा तो अंक तालिका पर पड़ेगा सीधा असर
टी20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 चरण में हर मुकाबला बेहद अहम होता है। इस दौर में छोटी-सी चूक भी टीमों के सेमीफाइनल सपनों को झटका दे सकती है। लेकिन अगर किसी मैच में बारिश खलल डाल दे तो क्या होगा? यही सवाल अक्सर फैंस के मन में उठता है।
सुपर-8 चरण में रिज़र्व डे का प्रावधान नहीं होता। यानी अगर मुकाबला तय दिन पर पूरा नहीं हो पाता, तो उसे अगले दिन खेलने का मौका नहीं मिलता। ऐसे में मौसम की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
आईसीसी के नियमों के मुताबिक, मैच का आधिकारिक नतीजा निकलने के लिए दोनों टीमों को कम से कम पांच-पांच ओवर खेलने जरूरी होते हैं। अगर बारिश या किसी अन्य कारण से यह न्यूनतम खेल संभव नहीं हो पाता, तो मुकाबला ‘नो रिजल्ट’ घोषित कर दिया जाता है।
‘नो रिजल्ट’ होने की स्थिति में दोनों टीमों को एक-एक अंक दिया जाता है। इसका सीधा असर अंक तालिका पर पड़ता है। सुपर-8 में हर टीम तीन मैच खेलती है। जीत पर दो अंक मिलते हैं, हार पर कोई अंक नहीं मिलता, जबकि रद्द मैच की स्थिति में दोनों पक्षों को एक-एक अंक मिल जाता है।
मान लीजिए किसी ग्रुप में दो टीमें बराबरी की टक्कर में हैं और उनका आपसी मुकाबला बारिश में धुल जाता है, तो अंक बंटवारा आगे की गणित को उलझा सकता है। नेट रन रेट की भूमिका भी ऐसे हालात में अहम हो जाती है।
नॉकआउट चरण से पहले होने वाले इस दौर में हर गेंद, हर रन और हर अंक की कीमत होती है। इसलिए टीमें न सिर्फ विपक्ष से, बल्कि मौसम से भी जंग लड़ती नजर आती हैं।
संक्षेप में, अगर सुपर-8 का कोई मैच बारिश की भेंट चढ़ जाता है और न्यूनतम ओवर पूरे नहीं हो पाते, तो मुकाबला रद्द मानकर दोनों टीमों को एक-एक अंक दे दिया जाता है। यही नियम आगे सेमीफाइनल की तस्वीर तय करने में अहम साबित हो सकता है।

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संजना झा पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं। वर्तमान में वह हिंदी माइक में बतौर असिस्टेंट एडिटर कार्यरत हैं। उन्हें समसामयिक घटनाएँ, राजनीति एवं लाइफस्टाइल जैसे विषयों में गहरी समझ और लेखन का व्यापक अनुभव प्राप्त है। अपनी खोजपरक दृष्टि, तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विषयों की गहराई तक पहुंचने की शैली के लिए वह जानी जाती हैं।
ज्वाइनिंग डेट: 16 अगस्त 2025

