इमरान खान के बेटे के बयान से पाकिस्तान में हड़कंप, सरकार ने बताया ‘देश विरोधी’
UN में कासिम खान की स्पीच पर बवाल, Shehbaz Sharif सरकार भड़की
पाकिस्तान की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। इस बार विवाद की वजह बने हैं पूर्व प्रधानमंत्री Imran Khan के बेटे कासिम खान, जिनके हालिया बयान पर United Nations Human Rights Council में हंगामा खड़ा हो गया है। पाकिस्तान की मौजूदा सरकार ने उनके भाषण को देश के हितों के खिलाफ बताया है।
दरअसल, कासिम खान ने UNHRC में अपने संबोधन के दौरान अपने पिता की रिहाई की मांग उठाई। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि पाकिस्तान में मानवाधिकारों की स्थिति पर ध्यान दिया जाए और इमरान खान के साथ हो रहे व्यवहार पर सवाल उठाए जाएं। उनके इस बयान के बाद देश की राजनीति में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।
प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif की सरकार ने कासिम खान के बयान की कड़ी आलोचना की है। सरकार का कहना है कि इस तरह के बयान अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि इस कदम से देश का GSP+ स्टेटस खतरे में पड़ सकता है, जो यूरोपीय संघ द्वारा दिया गया एक महत्वपूर्ण व्यापारिक दर्जा है।
GSP+ स्टेटस पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था के लिए काफी अहम माना जाता है, क्योंकि इसके तहत देश को यूरोपीय बाजारों में कम या बिना टैक्स के सामान निर्यात करने की सुविधा मिलती है। ऐसे में सरकार को डर है कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय बयानबाजी से आर्थिक नुकसान हो सकता है।
हालांकि, इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। पार्टी का कहना है कि कासिम खान ने कोई भी ऐसा बयान नहीं दिया, जिससे देश की छवि को ठेस पहुंचे। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक बेटे की अपने पिता के लिए न्याय की मांग थी।
इस पूरे विवाद ने एक बार फिर पाकिस्तान की सियासत में सरकार और विपक्ष के बीच गहरी खाई को उजागर कर दिया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक तूल पकड़ सकता है, क्योंकि दोनों पक्ष अपने-अपने दावों पर अड़े हुए हैं।

Author
संजना झा पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं। वर्तमान में वह हिंदी माइक में बतौर असिस्टेंट एडिटर कार्यरत हैं। उन्हें समसामयिक घटनाएँ, राजनीति एवं लाइफस्टाइल जैसे विषयों में गहरी समझ और लेखन का व्यापक अनुभव प्राप्त है। अपनी खोजपरक दृष्टि, तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विषयों की गहराई तक पहुंचने की शैली के लिए वह जानी जाती हैं।
ज्वाइनिंग डेट: 16 अगस्त 2025

