पटना में 7 मई को मंत्रिमंडल विस्तार, गांधी मैदान बनेगा NDA शक्ति प्रदर्शन का केंद्र

नए-पुराने चेहरों को मिल सकता मौका, हजारों कार्यकर्ताओं की जुटान की तैयारी

बिहार की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आ रहा है। 7 मई को पटना के ऐतिहासिक Gandhi Maidan में मंत्रिमंडल विस्तार का भव्य कार्यक्रम आयोजित होने जा रहा है। इस आयोजन को लेकर सियासी हलकों में काफी हलचल है और इसे शक्ति प्रदर्शन के तौर पर भी देखा जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, इस विस्तार में NDA गठबंधन के तहत कई पुराने और नए चेहरों को मौका दिया जा सकता है। खास तौर पर Janata Dal (United) और Bharatiya Janata Party के बीच संतुलन बनाते हुए मंत्रियों का चयन किया जाएगा।

जेडीयू कोटे से जिन नेताओं के नाम चर्चा में हैं, उनमें श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, लेसी सिंह, मदन सहनी, जमा खान, सुनील कुमार, शीला मंडल, रत्नेश सादा, बुलो मंडल, जयंत राज और भगवान सिंह कुशवाहा शामिल बताए जा रहे हैं। इन नेताओं को फिर से मंत्रिमंडल में जगह मिलने की संभावना जताई जा रही है।

वहीं बीजेपी कोटे से भी कई बड़े नाम सामने आ रहे हैं। इनमें विजय कुमार सिन्हा, मंगल पांडेय, राम कृपाल यादव, दिलीप जायसवाल, श्रेयसी सिंह, लक्ष्मींद्र प्रसाद, रमा निवास, प्रमोद कुमार चंद्रवंशी, अरुण शंकर प्रसाद सिंह, संजय सिंह ‘टाइगर’ के अलावा नीतीश मिश्रा या मिथिलेश तिवारी के नामों पर भी चर्चा चल रही है।

इसके अलावा सहयोगी दलों को भी मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व दिए जाने की संभावना है। Lok Janshakti Party (Ram Vilas) से राजू तिवारी और एक अन्य नेता, Hindustani Awam Morcha से संतोष मांझी, और Rashtriya Lok Samata Party से दीपक प्रकाश को मौका मिल सकता है। हालांकि अभी अंतिम सूची पर मुहर लगना बाकी है।


बताया जा रहा है कि बीजेपी और जेडीयू मिलकर 1 से 2 सीटें सहयोगी दलों के लिए खाली छोड़ सकती हैं, ताकि गठबंधन में संतुलन बनाए रखा जा सके।

यह भी पढ़ें https://hindimic.com/bihar-cabinet-expansion-7-may-bjp-jdu-ministers-list/

गांधी मैदान में होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम शुरू कर दिए हैं। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के जुटने की संभावना है, जिससे यह आयोजन राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मंत्रिमंडल विस्तार आने वाले चुनावों से पहले सामाजिक और जातीय समीकरणों को साधने की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा हो सकता है।

Share Now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *