सीएम धामी की केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात, उत्तराखंड के ऊर्जा क्षेत्र के लिए मांगे 7,800 करोड़ रुपये
दिल्ली में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री से मिले सीएम धामी, राज्य की ऊर्जा जरूरतों और विकास योजनाओं को लेकर हुई अहम चर्चा
नई दिल्ली। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली दौरे के दौरान केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी जरूरतों, भविष्य की योजनाओं और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने को लेकर विस्तार से चर्चा की। बैठक में उत्तराखंड में बिजली उत्पादन, वितरण व्यवस्था और ऊर्जा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत हुई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय मंत्री के सामने उत्तराखंड के ऊर्जा क्षेत्र के विकास के लिए केंद्र सरकार से 7,800 करोड़ रुपये की सहायता की मांग रखी। उन्होंने कहा कि पहाड़ी राज्य होने के कारण उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां अलग हैं और यहां ऊर्जा क्षेत्र के विकास के लिए विशेष सहयोग की आवश्यकता है।
सीएम धामी ने एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) से मिलने वाले ऋण में केंद्र सरकार से 80:20 के अनुपात को बनाए रखने की पैरवी की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ऊर्जा क्षेत्र में सुधार और विस्तार के लिए लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन सीमित संसाधनों के कारण केंद्र की मदद बेहद महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में बढ़ती बिजली की मांग को देखते हुए ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ाना समय की जरूरत है। राज्य सरकार जल विद्युत परियोजनाओं के विकास, बिजली वितरण प्रणाली को बेहतर बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों तक निर्बाध बिजली पहुंचाने की दिशा में काम कर रही है।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने, सौर ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार और बिजली व्यवस्था को आधुनिक बनाने से जुड़े प्रस्ताव भी रखे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ऊर्जा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने के विजन पर काम कर रही है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड में ऊर्जा क्षेत्र की मजबूती से न केवल राज्य की बिजली जरूरतें पूरी होंगी, बल्कि रोजगार और निवेश के नए अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने केंद्र सरकार से राज्य के विकास के लिए निरंतर सहयोग की अपेक्षा जताई।
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी उत्तराखंड की ऊर्जा जरूरतों और राज्य सरकार की योजनाओं को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया। माना जा रहा है कि केंद्र और राज्य के बीच बेहतर तालमेल से उत्तराखंड में ऊर्जा क्षेत्र को नई गति मिलेगी।


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संजना झा पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं। वर्तमान में वह हिंदी माइक में बतौर असिस्टेंट एडिटर कार्यरत हैं। उन्हें समसामयिक घटनाएँ, राजनीति एवं लाइफस्टाइल जैसे विषयों में गहरी समझ और लेखन का व्यापक अनुभव प्राप्त है। अपनी खोजपरक दृष्टि, तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विषयों की गहराई तक पहुंचने की शैली के लिए वह जानी जाती हैं।
ज्वाइनिंग डेट: 16 अगस्त 2025

