संजय सिंह हाउस अरेस्ट; फारूक अब्दुल्ला ने जताई नाराज़गी

जम्मू-कश्मीर: AAP विधायक मेहराज मलिक PSA के तहत गिरफ्तार, संजय सिंह हाउस अरेस्ट; फारूक अब्दुल्ला ने जताई नाराज़गी

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर विधानसभा में आम आदमी पार्टी (AAP) के इकलौते विधायक मेहराज मलिक को पब्लिक सेफ्टी एक्ट (PSA) के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है। इस कार्रवाई के खिलाफ AAP सांसद संजय सिंह विरोध जताने के लिए कश्मीर पहुंचे थे। लेकिन पुलिस ने उन्हें हाउस अरेस्ट कर दिया, जिसके चलते वे न तो प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सके और न ही कोई विरोध प्रदर्शन।

इसी घटनाक्रम पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ANI से बातचीत में कहा कि संजय सिंह को प्रेस कॉन्फ्रेंस और शांतिपूर्ण विरोध की अनुमति न देना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि भारत का संविधान हर नागरिक को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी राय रखने और विरोध करने का अधिकार देता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में विरोध करना कोई अपराध नहीं, बल्कि यह जनता की आवाज़ को सामने लाने का ज़रिया है।

उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर एक केंद्र शासित प्रदेश है और यहां की सारी शक्तियां उपराज्यपाल (LG) के पास हैं। आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि इन शक्तियों का इस्तेमाल गलत तरीके से किया जा रहा है।

नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख ने सवाल किया कि आखिर संजय सिंह को बोलने और अपनी बात रखने से रोकने की क्या ज़रूरत थी? उन्होंने कहा कि उपराज्यपाल को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

फारूक अब्दुल्ला ने यह भी कहा कि उपराज्यपाल ने संविधान की शपथ ली है और उनकी जिम्मेदारी है कि वे संविधान की रक्षा करें और नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकार सुनिश्चित करें।

इस बयान के साथ उन्होंने एक बार फिर केंद्र शासित प्रदेश में राजनीतिक स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की आज़ादी को लेकर चिंता जाहिर की।

क्यों हुई AAP विधायक मेहराज मलिक की गिरफ्तारी?

जम्मू-कश्मीर विधानसभा के इकलौते AAP विधायक मेहराज मलिक को प्रशासन ने पब्लिक सेफ्टी एक्ट (PSA) के तहत गिरफ्तार किया है। अधिकारियों का कहना है कि उन पर सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने के आरोप लगे हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेहराज मलिक के खिलाफ अब तक 18 एफआईआर और करीब 16 दैनिक डायरी एंट्री (डीडीआर) दर्ज की जा चुकी हैं। इनमें सरकारी अधिकारियों से बहस, दबाव बनाने और धमकी भरे रवैये की शिकायतें शामिल हैं।

हाल ही में वायरल हुए एक वीडियो ने विवाद को और बढ़ा दिया। इसमें मेहराज मलिक को डोडा जिले के डिप्टी कमिश्नर के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा इस्तेमाल करते और उन्हें अयोग्य बताते हुए देखा गया। आरोप है कि कई मौकों पर उन्होंने सरकारी कर्मचारियों को दफ्तरों में बंद कर दिया और अधिकारियों पर दबाव बनाने की कोशिश की।

प्रशासन का कहना है कि उनकी लगातार गतिविधियों से कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक शांति पर खतरा बना हुआ था। इसी वजह से उन पर PSA लगाया गया।

गौरतलब है कि PSA एक प्रिवेंटिव डिटेंशन कानून है। इसके तहत किसी भी व्यक्ति को बिना मुकदमा चलाए गिरफ्तार किया जा सकता है, अगर यह आशंका हो कि उसकी गतिविधियां शांति और व्यवस्था को प्रभावित कर सकती हैं। यही कारण है कि मेहराज मलिक को हिरासत में लिया गया।

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