राजस्थान में संस्कृत सृजन पखवाड़े की शुरुआत, दीया कुमारी ने किया शुभारंभ

उपमुख्यमंत्री बोलीं – सांस्कृतिक कार्यक्रमों से नयी पीढ़ी को मिलेगा प्रेरणा

जयपुर: राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने जयपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कहा कि राज्य सरकार द्वारा ‘संस्कृत सृजन पखवाड़े’ का आयोजन किया गया है। इस विशेष अवसर का उद्देश्य राज्य की समृद्ध परंपराओं, लोक संस्कृति और कला को लोगों तक पहुँचाना है।

दीया कुमारी ने बताया कि इस पखवाड़े के अंतर्गत पूरे राजस्थान में अलग-अलग जगहों पर अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों के माध्यम से राजस्थानी कला, नृत्य, संगीत और परंपराओं का प्रदर्शन होगा। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम युवाओं और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और संस्कृति से जोड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ने कहा, “संस्कृति हमारी पहचान है। हमें इसे न सिर्फ़ सहेजना है बल्कि नई पीढ़ी तक पहुँचाना भी है। इस पखवाड़े में विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ होंगी, जिनमें लोकगीत, लोकनृत्य और नाट्य प्रस्तुतियाँ शामिल रहेंगी। इससे समाज में एक सकारात्मक वातावरण बनेगा और लोगों को अपनी संस्कृति पर गर्व महसूस होगा।”

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राजस्थान सरकार आने वाले समय में इस तरह के और भी आयोजन करने की योजना बना रही है। इसके ज़रिए स्थानीय कलाकारों को मंच मिलेगा और उन्हें अपने हुनर को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में शामिल हुए। मंच पर लोक कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा में लोकनृत्य और लोकगीत प्रस्तुत किए। उपस्थित लोगों ने उत्साहपूर्वक इन प्रस्तुतियों का आनंद लिया।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे कार्यक्रम न केवल सांस्कृतिक धरोहर को सुरक्षित रखते हैं बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा देते हैं। जब स्थानीय परंपराओं और संस्कृति को इस तरह मंच मिलता है, तो यह राज्य की छवि को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मज़बूत करता है।

कार्यक्रम के अंत में उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने कहा कि “राजस्थान की पहचान इसकी संस्कृति से है। हमारा प्रयास है कि आने वाली पीढ़ी भी इसे समझे, अपनाए और आगे बढ़ाए।”

Share Now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *