आत्मनिर्भर भारत या नई निर्भरता? US ट्रेड डील पर उठे बड़े सवाल
सुरजेवाला का सरकार पर हमला, किसानों और छोटे कारोबारियों के भविष्य को लेकर जताई गंभीर चिंता
भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर सियासी माहौल गर्म हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कई सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि यह समझौता देश की आत्मनिर्भरता को मजबूत करेगा या भारत को विदेशी बाजारों पर ज्यादा निर्भर बना देगा।
सुरजेवाला ने कहा कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौते का सीधा असर देश के किसानों, छोटे व्यापारियों और घरेलू उद्योगों पर पड़ता है। उनका तर्क है कि यदि विदेशी उत्पादों को भारतीय बाजार में अधिक छूट दी जाती है, तो स्थानीय उत्पादकों के सामने प्रतिस्पर्धा की चुनौती बढ़ सकती है। विशेष रूप से कृषि क्षेत्र को लेकर उन्होंने चिंता जताई और कहा कि भारतीय किसान पहले से ही लागत और समर्थन मूल्य जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं।
कांग्रेस नेता ने यह भी सवाल उठाया कि क्या इस समझौते की शर्तों को सार्वजनिक किया गया है और क्या संसद में इस पर विस्तृत चर्चा हुई है। उनका कहना है कि इतने बड़े आर्थिक फैसले पारदर्शिता के साथ होने चाहिए, ताकि देश की जनता और जनप्रतिनिधियों को इसकी पूरी जानकारी मिल सके। उन्होंने सरकार से मांग की कि समझौते के संभावित फायदे और जोखिम दोनों को स्पष्ट रूप से सामने रखा जाए।
ऊर्जा, डिजिटल व्यापार और डेटा सुरक्षा जैसे क्षेत्रों का जिक्र करते हुए सुरजेवाला ने कहा कि इन संवेदनशील विषयों पर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। उनका मानना है कि व्यापारिक लाभ के साथ-साथ राष्ट्रीय हित और नीति-निर्माण की स्वतंत्रता भी सुरक्षित रहनी चाहिए।
वहीं सरकार की ओर से संकेत दिए गए हैं कि यह समझौता भारत के निर्यात को बढ़ावा देने, निवेश आकर्षित करने और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत की भूमिका मजबूत करने की दिशा में एक कदम है। समर्थकों का कहना है कि इससे दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग और व्यापारिक अवसर बढ़ेंगे।
इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस फिलहाल जारी है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि सरकार इस समझौते को लेकर क्या विस्तृत जानकारी साझा करती है और विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का किस तरह जवाब देती है।

Author
संजना झा पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं। वर्तमान में वह हिंदी माइक में बतौर असिस्टेंट एडिटर कार्यरत हैं। उन्हें समसामयिक घटनाएँ, राजनीति एवं लाइफस्टाइल जैसे विषयों में गहरी समझ और लेखन का व्यापक अनुभव प्राप्त है। अपनी खोजपरक दृष्टि, तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विषयों की गहराई तक पहुंचने की शैली के लिए वह जानी जाती हैं।
ज्वाइनिंग डेट: 16 अगस्त 2025

