बांग्लादेश में बढ़ा सियासी टकराव: शफीकुर रहमान ने राष्ट्रपति के बयानों पर उठाए सवाल

5 अगस्त 2024 की घटनाओं और अंतरिम शासन को लेकर पारदर्शिता की मांग, राजनीति में तेज हुई बहस

Bangladesh की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। देश के प्रमुख इस्लामी राजनीतिक दल Bangladesh Jamaat-e-Islami के अमीर Shafiqur Rahman ने राष्ट्रपति Mohammad Shahabuddin के हालिया बयानों पर तीखा सवाल उठाया है। उनका आरोप है कि 5 अगस्त 2024 की घटनाओं और सत्ता परिवर्तन से जुड़े मुद्दों पर राष्ट्रपति ने पूरी सच्चाई देश के सामने नहीं रखी।

शफीकुर रहमान ने सार्वजनिक बयान जारी करते हुए कहा कि उस दिन क्या राजनीतिक बातचीत हुई, किन परिस्थितियों में फैसले लिए गए और किन नेताओं से क्या चर्चा हुई — इन सभी बातों को स्पष्ट किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि राष्ट्रपति के पुराने और नए बयानों में अंतर दिखाई देता है, जिससे लोगों के मन में संदेह पैदा हो रहा है। उन्होंने यह भी मांग की कि देश की जनता को पूरी पारदर्शिता के साथ जानकारी दी जाए।

यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब पूर्व अंतरिम प्रशासन और वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था को लेकर बहस तेज है। नोबेल शांति पुरस्कार विजेता Muhammad Yunus के नेतृत्व में बनी अंतरिम सरकार की भूमिका पर भी राजनीतिक मतभेद रहे हैं। कुछ दलों का मानना है कि उस दौर में लिए गए फैसलों ने संवैधानिक प्रक्रिया को प्रभावित किया, जबकि समर्थकों का तर्क है कि वह समय असाधारण परिस्थितियों का था और स्थिरता बनाए रखने के लिए कदम उठाए गए।

राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने पहले संकेत दिया था कि उन्हें कुछ मामलों में पूरी जानकारी नहीं दी गई थी। इसी बयान को आधार बनाकर जमात-ए-इस्लामी ने सवाल उठाए हैं कि आखिर किन तथ्यों को सार्वजनिक नहीं किया गया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह टकराव आने वाले समय में और गहरा सकता है, क्योंकि विभिन्न दल अपने-अपने पक्ष को मजबूत करने में जुटे हैं।

फिलहाल, देश में संवैधानिक पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर चर्चा तेज हो गई है। आम जनता की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सरकार और राष्ट्रपति कार्यालय इस विवाद पर विस्तृत स्पष्टीकरण देंगे। आने वाले दिनों में यह मुद्दा Dhaka की सियासत में अहम भूमिका निभा सकता है और राष्ट्रीय राजनीति की दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है।

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