भूपेश बघेल गुजरात प्रशिक्षण में शामिल, संपत्ति कर विवाद पर सवाल उठाए

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा – संगठन सशक्त बनाने के लिए गुजरात जा रहे हैं। साथ ही संपत्ति कर नोटिस पर प्रशासन से जवाब मांगा।

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने गुजरात के जूनागढ़ में चल रहे जिला कांग्रेस समिति (DCC) अध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर को लेकर अहम बयान दिया है। उन्होंने कहा कि संगठनात्मक मजबूती के लिए गुजरात में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है और उनके कार्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से 10 दिन का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।

भूपेश बघेल ने बताया, “संगठन के समग्र विकास के लिए गुजरात में जिला कांग्रेस अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है। जूनागढ़ में इन सभी जिला अध्यक्षों के लिए 10 दिन का प्रशिक्षण चल रहा है। मुझे इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में केवल एक दिन हिस्सा लेना है। इसलिए मैं रायपुर से दिल्ली होकर गुजरात जाऊँगा।” उनका यह कदम कांग्रेस संगठन को सशक्त और चुस्त-दुरुस्त बनाने की दिशा में उठाया गया एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है।

वहीं, रायपुर म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन से उन्हें प्राप्त संपत्ति कर नोटिस पर भी उन्होंने सवाल उठाए। भूपेश बघेल ने कहा, “यह अजीब बात है कि केवल मुझे सरकारी बंगले का संपत्ति कर नोटिस मिला है। शांति नगर में अन्य सरकारी बंगले वालों को ऐसा कोई नोटिस नहीं मिला। यह असमान व्यवहार क्यों?” उन्होंने इसे साफतौर पर अन्यायपूर्ण बताया और प्रशासन से जवाब मांगा।

राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि यह बयान राजनीतिक हलचलों के बीच कांग्रेस की सक्रियता को दिखाता है। आगामी चुनाव से पहले पार्टी संगठन को मजबूत करने का यह एक रणनीतिक प्रयास भी माना जा रहा है।

भूपेश बघेल के इस बयान ने राजनीति में एक बार फिर हलचल मचा दी है। जहां कांग्रेस इसे संगठन को सशक्त बनाने का कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक नाटक करार दे रहा है।

आने वाले दिनों में इस विवाद पर नए बयान और बहसें तेज़ होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे जनता और राजनीतिक विश्लेषकों की निगाहें इस पर बनी रहेंगी।

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