बिहार चुनाव 2025: महागठबंधन में 12 सीटों पर आपसी टकराव

महागठबंधन में फूट, 12 सीटों पर सहयोगी आमने-सामने

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महागठबंधन की स्थिति अब कमजोर दिख रही है। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद कई सीटों पर सहयोगी दलों के उम्मीदवार एक-दूसरे के खिलाफ हैं। इस वजह से गठबंधन की ताकत पर सवाल उठने लगे हैं और एनडीए को इसका फायदा मिलने की संभावना है।

महागठबंधन में सबसे ज्यादा सीटों पर आरजेडी चुनाव लड़ रही है। आरजेडी ने 143 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि कांग्रेस 60 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। इसके अलावा सीपीआई-एमएल, सीपीआई, सीपीएम और वीआईपी के उम्मीदवार भी अलग-अलग सीटों पर मैदान में हैं। लेकिन कुछ सीटों पर सहयोगी दलों के उम्मीदवार आमने-सामने आ गए हैं, जिससे “फ्रेंडली फाइट” जैसी स्थिति बनी है।

कांग्रेस और आरजेडी की टकराहट

कई जगह कांग्रेस और आरजेडी के उम्मीदवार आमने-सामने हैं। मुख्य सीटें हैं सिकंदरा, कहलगांव, सुल्तानगंज, वैशाली, वारिसलीगंज और नरकटियागंज। इन सीटों पर सहयोगी दलों के उम्मीदवार एक-दूसरे से वोट लड़ रहे हैं, जिससे मतदाताओं में भ्रम की स्थिति बन रही है।

मुख्य मुकाबले:

  • सिकंदरा – उदय नारायण चौधरी (आरजेडी) vs विनोद चौधरी (कांग्रेस)
  • कहलगांव – रजनीश भारती (आरजेडी) vs प्रवीण कुमार कुशवाहा (कांग्रेस)
  • सुल्तानगंज – चंदन सिन्हा (आरजेडी) vs ललन यादव (कांग्रेस)
  • वैशाली – अजय कुशवाहा (आरजेडी) vs संजीव सिंह (कांग्रेस)
  • वारिसलीगंज – अनीता देवी महतो (आरजेडी) vs सतीश कुमार (कांग्रेस)
  • नरकटियागंज – दीपक यादव (आरजेडी) vs शाश्वत केदार पांडेय (कांग्रेस)

कांग्रेस और सीपीआई की भिड़ंत

चार सीटों पर कांग्रेस और सीपीआई के उम्मीदवार आमने-सामने हैं। बछवाड़ा, करगहर, बिहार शरीफ और राजापाकर में यह मुकाबला देखने को मिल रहा है।

मुख्य मुकाबले:

  • बछवाड़ा – शिव प्रकाश गरीबदास (कांग्रेस) vs अवधेश राय (सीपीआई)
  • करगहर – संतोष मिश्रा (कांग्रेस) vs महेंद्र गुप्ता (सीपीआई)
  • बिहार शरीफ – उमेद खान (कांग्रेस) vs शिव कुमार यादव (सीपीआई)
  • राजापाकर – प्रतिमा दास (कांग्रेस) vs मोहित पासवान (सीपीआई)

वीआईपी और आरजेडी की टकराहट

वीआईपी और आरजेडी के उम्मीदवार भी दो सीटों पर आमने-सामने हैं। बाबूबरही और चैनपुर में यह मुकाबला देखने को मिलेगा।

मुख्य मुकाबले:

  • बाबूबरही – बिंदू गुलाब यादव (वीआईपी) vs अरुण कुशवाहा (आरजेडी)
  • चैनपुर – बालगोविंद बिंद (वीआईपी) vs ब्रिज किशोर बिंद (आरजेडी)

जेएमएम और अन्य सहयोगियों में मतभेद

झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने बिहार चुनाव में शामिल होने की कोशिश की, लेकिन सीट बंटवारे और रणनीति के कारण अपनी उम्मीदवारी वापस लेनी पड़ी। JMM नेताओं ने महागठबंधन की रणनीति पर सवाल उठाए हैं और कहा कि उनकी पार्टी को निष्पक्ष तरीके से शामिल नहीं किया गया।

निष्कर्ष

इस तरह की आपसी टकराहट से महागठबंधन कमजोर दिख रहा है। 12 सीटों पर सहयोगी दल आमने-सामने हैं और इसका फायदा एनडीए को मिल सकता है। अब हर दल अपने उम्मीदवारों के लिए अलग प्रचार कर रहा है और कोई संयुक्त अभियान नहीं हो रहा है।

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