चुनाव से पहले बिहार में अडानी पॉवर की एंट्री!

बिहार चुनाव से पहले अडानी पावर लगाएगा 2400 मेगावाट का थर्मल पावर प्रोजेक्ट,

पटना: बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले नीतीश कुमार सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य को बिजली संकट से उबारने और औद्योगिकीकरण को गति देने के लिए अडानी पावर लिमिटेड को 2400 मेगावाट का थर्मल पावर प्रोजेक्ट लगाने का काम सौंपा गया है। कंपनी ने शनिवार को बताया कि उसे बिहार स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (BSPGCL) से Letter of Intent (LoI) प्राप्त हुआ है। इसके तहत कंपनी भागलपुर जिले के पीरपैंती में बनने वाले पावर प्रोजेक्ट से 2274 मेगावाट बिजली उत्तर बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (NBPDCL) और दक्षिण बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (SBPDCL) को सप्लाई करेगी।

इस परियोजना की निविदा प्रक्रिया बेहद प्रतिस्पर्धी रही। अडानी पावर ने सबसे कम दर (L1) पर बोली लगाई और 6.075 रुपये प्रति यूनिट (kWh) की दर पर बिजली आपूर्ति का अनुबंध हासिल किया। इस अनुबंध के तहत कंपनी 3×800 मेगावाट अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल ग्रीनफील्ड पावर प्लांट स्थापित करेगी, जिसे Design, Build, Finance, Own, and Operate (DBFOO) मॉडल पर विकसित किया जाएगा। पहला यूनिट नियुक्ति तिथि से 48 महीनों में और अंतिम यूनिट 60 महीनों में चालू करने की योजना है।

अडानी पावर लिमिटेड के सीईओ एस.बी. ख्यालिया ने कहा, “हमें बिहार में 2400 मेगावाट का थर्मल पावर प्रोजेक्ट विकसित और संचालित करने का अवसर पाकर खुशी है। हम करीब 3 अरब डॉलर के निवेश से नया ग्रीनफील्ड संयंत्र स्थापित करेंगे, जिससे राज्य में औद्योगिकीकरण को बढ़ावा मिलेगा। यह संयंत्र कम-उत्सर्जन वाला अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल होगा और बिहार को भरोसेमंद, प्रतिस्पर्धी और उच्च गुणवत्ता वाली बिजली उपलब्ध कराएगा।”

कंपनी ने बताया कि इस पावर प्लांट को ईंधन की आपूर्ति भारत सरकार की SHAKTI नीति के तहत आवंटित कोयला लिंक से होगी। परियोजना से निर्माण के दौरान 10 से 12 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है, जबकि संचालन शुरू होने पर लगभग 3 हजार स्थायी रोजगार उपलब्ध होंगे।

सत्ता पक्ष ने इस समझौते को बिहार के लिए “ऐतिहासिक अवसर” बताया। बिजली उत्पादन की दिशा में यह सबसे बड़ा कदम है, जो बिहार की आत्मनिर्भरता को सुनिश्चित करेगा। चुनावी माहौल में सरकार ने इस करार को अपनी उपलब्धि के रूप में पेश किया है। एनडीए के तरफ से लगातार यह दावा किया जाता रहा है कि उनकी सरकार उद्योग और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए लगातार प्रयासरत है।

राजनीतिक हलकों में इस समझौते को चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। विपक्ष का कहना है कि सरकार सिर्फ चुनाव को ध्यान में रखकर बड़े ऐलान कर रही है, जबकि सरकार का दावा है कि यह बिहार के विकास और भविष्य को सुरक्षित करने का ठोस कदम है।

कंपनी को जल्द ही Letter of Award (LoA) मिलने की उम्मीद है। इसके बाद राज्य की यूटिलिटीज के साथ Power Supply Agreement (PSA) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।

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