चिंगरीघाटा मेट्रो प्रोजेक्ट में नया विवाद, RVNL ने HC में मामला दर्ज किया

चिंगरीघाटा मेट्रो विवाद: RVNL ने HC में मामला दर्ज, बंगाल सरकार पर सहयोग न करने का आरोप

कोलकाता: चिंगरीघाटा मेट्रो परियोजना में फिर से विवाद उभर गया है। रेलवे वीयल नेटवर्क लिमिटेड (RVNL) ने उच्च न्यायालय (HC) में मामला दर्ज कर बंगाल सरकार पर सहयोग न करने का आरोप लगाया है। RVNL का कहना है कि राज्य सरकार परियोजना के विभिन्न चरणों में बाधाएं डाल रही है, जिससे निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है।

RVNL ने कोर्ट में बताया कि कई बार परियोजना के लिए जरूरी जमीन और अनुमति नहीं मिल पा रही हैं। इसके कारण मेट्रो के निर्माण में लगातार देरी हो रही है और समयसीमा के अनुसार प्रोजेक्ट पूरा करना मुश्किल हो गया है।

बंगाल सरकार के अधिकारीयों का कहना है कि परियोजना के सभी चरणों में सहयोग किया जा रहा है और कई प्रशासनिक प्रक्रियाओं में देरी तकनीकी और कानूनी कारणों से हुई है। हालांकि RVNL का आरोप है कि राज्य सरकार आवश्यक अनुमति देने में विलंब कर रही है और इससे परियोजना की लागत भी बढ़ रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि चिंगरीघाटा मेट्रो प्रोजेक्ट पश्चिम बंगाल के परिवहन नेटवर्क के लिए महत्वपूर्ण है। अगर निर्माण में और देरी हुई तो जनता को सुविधा मिलने में समय लगेगा और लागत भी बढ़ सकती है।

अब कोर्ट इस मामले में Bengal सरकार और RVNL से जवाब मांग सकती है और परियोजना की समयसीमा और जिम्मेदारी तय करने की कार्रवाई कर सकती है।

RVNL पहले भी कई बार हाईकोर्ट में बंगाल सरकार के खिलाफ शिकायत कर चुका है। ऐसे में इस नई याचिका से मेट्रो प्रोजेक्ट में और विवाद बढ़ने की संभावना है।

इस विवाद से यह स्पष्ट होता है कि परियोजना के समय पर पूरा होने के लिए राज्य और केंद्र के बीच सहयोग अनिवार्य है। दोनों पक्षों को मिलकर मुद्दों का समाधान करना होगा ताकि कोलकाता की मेट्रो सुविधा जनता तक समय पर पहुंच सके।

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