दिल्ली में दुर्गा पूजा-रामलीला के लिए लाउडस्पीकर समय बढ़ा

इमाम उमर इलियासी ने कहा- ध्वनि मानक का पालन जरूरी

दिल्ली सरकार ने दुर्गा पूजा, रामलीला और दशहरा आयोजनों के दौरान लाउडस्पीकर के इस्तेमाल की समय सीमा रात 10 बजे से बढ़ाकर मध्यरात्रि 12 बजे कर दी है। इस निर्णय पर ऑल इंडिया इमाम ऑर्गनाइजेशन के प्रमुख इमाम उमर अहमद इलियासी ने अपनी राय दी।

इलियासी ने कहा कि नवरात्रि और रामलीला के चलते यह निर्णय लिया गया होगा। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि ध्वनि का तय मानक हमेशा ध्यान में रखा जाए। उनका कहना था कि चाहे अजान हो, भजन, या किसी धार्मिक स्थल से आवाज उठ रही हो, इसे 45 डेसिबल के नियम के अनुसार होना चाहिए ताकि किसी को असुविधा न हो।

इलियासी ने आगे कहा, “कई लोग बीमार हो सकते हैं या बच्चे पढ़ाई कर रहे होंगे। इस बात का ध्यान रखते हुए, हमारी अजान, नमाज या भजन से किसी को परेशानी नहीं होनी चाहिए। अगर ध्वनि नियमों के अनुसार है, तो कोई समस्या नहीं है।”

इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आयोजकों को सड़कों और पड़ोस में रहने वाले लोगों की सुविधा का ध्यान रखना चाहिए। लंबी रात में चलने वाले कार्यक्रमों के दौरान किसी भी तरह की शोर-शराबा से आम नागरिकों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने ये भी जोड़ा कि सामुदायिक कार्यक्रमों में सभी धर्मों और पड़ोसियों के साथ तालमेल बनाए रखना बेहद जरूरी है, ताकि उत्सव का माहौल शांतिपूर्ण रहे।

इस छूट की अवधि 22 सितंबर से 3 अक्टूबर तक रहेगी और इसे उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना की मंजूरी के बाद लागू किया गया है। रेसिडेंशियल एरिया में आयोजकों को निर्देश दिया गया है कि ध्वनि का स्तर 45 डेसिबल से अधिक न हो।

इस फैसले से आयोजकों को धार्मिक उत्सवों के दौरान कार्यक्रमों को देर रात तक जारी रखने की सुविधा मिली है, लेकिन इमाम इलियासी ने इस बात पर जोर दिया कि आवाज का स्तर नियंत्रित होना चाहिए ताकि समुदाय के सभी लोग शांतिपूर्ण रूप से अपने घरों में रह सकें।

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