GST सुधार पर सीतारमण का बड़ा खुलासा: टैरिफ युद्ध का सच

केंद्रीय वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि जीएसटी सुधार 1.5 साल से तैयारी में थे और वैश्विक व्यापार तनाव से प्रभावित नहीं हुए।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में जीएसटी सुधारों को लेकर यह स्पष्ट किया कि ये सुधार लंबे समय से योजना में थे और टैरिफ युद्ध या वैश्विक व्यापार तनाव के कारण नहीं किए गए हैं।

निर्मला सीतारमण ने कहा, “यह योजना डेढ़ साल से चल रही थी। उस समय किसी ने टैरिफ युद्ध के बारे में सोचा भी नहीं था। कई मंत्रियों के समूह (GOMs) इस पर काम कर रहे थे। भारत सरकार के पैकेज के बाद इसे जीएसटी परिषद में भेजा गया और विभिन्न स्तरों पर विचार-विमर्श हुआ। यह किसी भी टैरिफ युद्ध के कारण नहीं हुआ। यह सुधार लंबे समय से होने थे और अब लागू किए गए हैं।”

वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि जीएसटी सुधारों की प्रक्रिया में कई समूहों ने अलग-अलग समय पर बैठकें कीं और सभी सुझावों पर विचार किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल समय की जरूरत और आर्थिक सुधार की दिशा में उठाया गया कदम है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ये सुधार भारत की टैक्स प्रणाली को और अधिक पारदर्शी और व्यापार-अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। जीएसटी परिषद की पिछली बैठकों और मंत्रियों के समूह की रिपोर्ट के अनुसार, कई राज्यों और केंद्रीय विभागों के सुझावों को शामिल करते हुए यह सुधार तैयार किए गए हैं।

साथ ही निर्मला सीतारमण ने यह भी कहा कि इन सुधारों का उद्देश्य व्यापारियों और छोटे व्यवसायों को राहत देना और कर प्रणाली को सरल बनाना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ये सुधार भारत के आर्थिक विकास और निवेश को बढ़ावा देंगे।

इस प्रकार वित्त मंत्री ने यह साफ कर दिया कि जीएसटी सुधार टैरिफ युद्ध या अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण नहीं हुए, बल्कि यह लंबे समय से तय आर्थिक रणनीति का हिस्सा हैं और देश की आर्थिक मजबूती को और बढ़ाएंगे।

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