भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में तेजी, नवंबर तक समझौते का लक्ष्य
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बातचीत, नवंबर तक हो सकता है फाइनल – पीयूष गोयल
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि भारत और अमेरिका के बीच चल रही व्यापार वार्ताएं नवंबर 2025 तक किसी समझौते पर पहुँच सकती हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि हाल ही में कुछ भू-राजनीतिक (Geopolitical) मसले इन चर्चाओं पर हावी हो गए हैं।
मुंबई में आयोजित वार्षिक ग्लोबल इन्वेस्टर कॉन्फ्रेंस 2025 को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा –”मुझे उम्मीद है कि जल्द ही हालात सामान्य होंगे और नवंबर तक हम एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) को अंतिम रूप देंगे, जैसा कि फरवरी में हमारे दोनों नेताओं के बीच चर्चा हुई थी।”
उन्होंने बताया कि अमेरिका के साथ हुई वार्ताओं में रूस-यूक्रेन युद्ध और अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ का असर पड़ा है। गौरतलब है कि हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय सामानों पर 50% शुल्क लगा दिया था। उनका आरोप है कि भारत रूस से कच्चा तेल खरीदकर अप्रत्यक्ष रूप से युद्ध को फंड कर रहा है।
इसके बावजूद पीयूष गोयल ने भरोसा जताया कि भारत वैश्विक निवेश और व्यापार का मजबूत केंद्र बना हुआ है। उन्होंने कहा –
“काफी कुछ हो चुका है, और आगे बहुत कुछ होना बाकी है। अमेरिका के साथ हम निरंतर संवाद में हैं।”
गोयल ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत ने वार्ताओं में अपनी “रेड लाइन्स” तय कर दी हैं। इसमें कृषि और डेयरी क्षेत्र को पूरी तरह खोलने से इनकार और रूस के साथ व्यापार में रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखना शामिल है।
भारत अब तक ऑस्ट्रेलिया, यूएई, मॉरीशस, ब्रिटेन और यूरोपीय समूह EFTA के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) कर चुका है। अमेरिका के साथ बातचीत मार्च 2025 से शुरू हुई थी और अब तक पाँच दौर की बैठकें हो चुकी हैं। हालांकि, 50% टैरिफ लागू होने के बाद 25 अगस्त को होने वाली छठे दौर की बैठक टल गई। नई तारीख फिलहाल तय नहीं है।
सरकारी अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि मौजूदा स्थिति अस्थायी है और भारत-अमेरिका का दीर्घकालिक संबंध इससे प्रभावित नहीं होगा। उनका कहना है कि भारत का निर्यात विविध है, इसलिए असर उतना गंभीर नहीं होगा जितना माना जा रहा है।
इसी बीच, अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने भी कहा कि भारत-अमेरिका संबंध “बहुत जटिल” जरूर हैं, लेकिन अंततः दोनों देश मिलकर आगे बढ़ेंगे।

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संजना झा पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं। वर्तमान में वह हिंदी माइक में बतौर असिस्टेंट एडिटर कार्यरत हैं। उन्हें समसामयिक घटनाएँ, राजनीति एवं लाइफस्टाइल जैसे विषयों में गहरी समझ और लेखन का व्यापक अनुभव प्राप्त है। अपनी खोजपरक दृष्टि, तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विषयों की गहराई तक पहुंचने की शैली के लिए वह जानी जाती हैं।
ज्वाइनिंग डेट: 16 अगस्त 2025

