देशभर में इंडिगो फ्लाइट रद्द, दिग्विजय सिंह ने उठाए गंभीर सवाल
IndiGo उड़ानें रद्द होने पर दिग्विजय सिंह का सवाल—“एयरलाइन का सिस्टम बिगड़ा, सरकार भी चुप क्यों?”
भोपाल (मध्यप्रदेश): देशभर में इंडिगो की कई उड़ानें लगातार रद्द होने और देरी से उड़ान भरने की घटनाओं के बाद यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। इसी मुद्दे पर कांग्रेस सांसद और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने रविवार को एयरलाइन प्रबंधन और केंद्र सरकार दोनों पर गंभीर सवाल उठाए।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि इंडिगो को लंबे समय तक एक विश्वसनीय और समय-पालन करने वाली एयरलाइन माना जाता रहा है, लेकिन पिछले कुछ दिनों में जिस तरह उड़ानों में गड़बड़ी सामने आ रही है, वह चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि न तो सरकार की तरफ से कोई स्पष्ट जानकारी दी गई है और न ही कंपनी यह बता पाई है कि समस्या की असल वजह क्या है।
उन्होंने बताया कि हाल ही में जब वह दिल्ली जाने के लिए एयरपोर्ट पर थे, तो उनकी उड़ान भी तय समय पर रवाना नहीं हो सकी। देरी बढ़ने के साथ यात्रियों में बेचैनी और घबराहट दिखने लगी। कई लोग बार-बार पूछते रहे कि फ्लाइट आखिर चल क्यों नहीं रही है, लेकिन उन्हें स्पष्ट जवाब नहीं मिला।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि ऐसी स्थिति केवल यात्रियों की असुविधा नहीं है, बल्कि यह भी दिखाता है कि एयरलाइन के अंदरूनी सिस्टम में कुछ बड़ा मुद्दा चल रहा है।
उन्होंने कहा—
“अगर किसी बड़ी निजी कंपनी में एक साथ इतनी दिक्कतें दिखाई दें, तो यह स्वाभाविक है कि इसकी असली वजह की पड़ताल की जाए। स्थिति स्पष्ट करने के लिए विस्तृत जांच जरूरी है।”
उन्होंने आगे कहा कि निजी संस्थानों में अक्सर पारदर्शिता की कमी रह जाती है और यही कारण है कि समस्याएँ समय पर सामने नहीं आतीं। सरकार की जिम्मेदारी है कि वह स्थिति स्पष्ट करे, ताकि यात्रियों को भरोसा रहे कि विमानन सेवाएँ सुरक्षित और सुचारू हैं।
इस बीच, इंडिगो एयरलाइन की ओर से अब तक सिर्फ सामान्य तकनीकी और ऑपरेशनल दिक्कतों का हवाला दिया गया है, लेकिन यात्रियों का कहना है कि लगातार उड़ानें रद्द होने से उनकी यात्राएँ बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। कई लोगों को अचानक होटल बुकिंग, मीटिंग और कनेक्टिंग फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ीं।
लोगों का कहना है कि भारत की सबसे बड़ी निजी एयरलाइन होने के नाते इंडिगो को पारदर्शिता बनाए रखनी चाहिए और स्पष्ट रूप से बताना चाहिए कि समस्या कितने समय तक रहेगी।

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संजना झा पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं। वर्तमान में वह हिंदी माइक में बतौर असिस्टेंट एडिटर कार्यरत हैं। उन्हें समसामयिक घटनाएँ, राजनीति एवं लाइफस्टाइल जैसे विषयों में गहरी समझ और लेखन का व्यापक अनुभव प्राप्त है। अपनी खोजपरक दृष्टि, तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विषयों की गहराई तक पहुंचने की शैली के लिए वह जानी जाती हैं।
ज्वाइनिंग डेट: 16 अगस्त 2025

