मिसाइल, धमाके और हाई अलर्ट — क्या जंग के करीब हैं इज़राइल और ईरान?

इज़राइल की सैन्य कार्रवाई और ईरान की जवाबी चेतावनी के बाद मध्य पूर्व में हालात बेहद संवेदनशील, वैश्विक बाजारों और क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर।

मध्य पूर्व की जमीन एक बार फिर बारूद की गंध से भर गई है। इज़राइल और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहा तनाव अब खुली सैन्य कार्रवाई में बदलता दिखाई दे रहा है। हालिया घटनाओं ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया है। अचानक हुए हमलों और जवाबी कार्रवाई की आशंकाओं ने हालात को बेहद संवेदनशील बना दिया है।

इज़राइल ने ईरान के खिलाफ एक बड़ी सैन्य कार्रवाई शुरू की है, जिसे उसने “प्री-एम्प्टिव” यानी पहले से खतरे को रोकने वाला कदम बताया है। इज़राइली अधिकारियों का कहना है कि यह ऑपरेशन संभावित सुरक्षा खतरे को खत्म करने के लिए जरूरी था। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान की राजधानी तेहरान सहित कई अहम इलाकों में धमाकों की आवाजें सुनी गईं। कुछ रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाए जाने की भी खबरें हैं।

इज़राइल में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है और सेना को पूरी तरह सतर्क कर दिया गया है। सायरन बजने और मिसाइल हमलों की आशंका ने आम लोगों में चिंता बढ़ा दी है।

दूसरी ओर, ईरान ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ईरानी नेतृत्व ने साफ कहा है कि वह अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा। क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन गतिविधियों की खबरों ने तनाव को और बढ़ा दिया है।

इस संघर्ष का असर केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं है। पड़ोसी देशों ने भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है। कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के मार्ग बदले गए हैं और वैश्विक बाजारों में अस्थिरता देखने को मिल रही है, खासकर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कूटनीतिक प्रयास तेज नहीं हुए तो यह टकराव बड़े क्षेत्रीय संघर्ष का रूप ले सकता है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर मध्य पूर्व पर टिकी हुई है।

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