जम्मू-कश्मीर: आतंकियों के नए ठिकाने नष्ट
सुरक्षा बलों ने जंगल और पहाड़ों में छिपे आतंकवादी बंकर ढहा दिए
जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों के सामने आतंकवाद के खिलाफ नई चुनौती आई है। अब आतंकवादी सीधे सुरक्षा कर्मियों पर हमला करने के लिए घाटी में घुसपैठ कर रहे हैं। पहले वे गांव या शहर में छिपते थे। अब वे जंगलों और पहाड़ों में गुप्त अंडरग्राउंड बंकर बना रहे हैं।
सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई ने आतंकवादियों की पुरानी रणनीतियों को बदल दिया है। अब वे दुर्गम इलाके और ऊँचे पर्वत चुनकर छिपते हैं। इससे उनकी गतिविधियाँ लंबे समय तक चलती रहती हैं। सुरक्षा बलों के लिए यह नई चुनौती है।

दक्षिण कश्मीर में हाल ही में कई ठिकानों को नष्ट किया गया। कुलगाम जिले के गुड्डर क्षेत्र में घने जंगल में बने आतंकवादी बंकर को सुरक्षा बलों ने ढहा दिया। इसके बाद चुराट काजीगुंड क्षेत्र में दूसरा ठिकाना भी नष्ट किया गया। इन कार्रवाइयों से आतंकवादियों की ताकत कमजोर हुई है।
स्थानीय समर्थन घटने के कारण आतंकवादी अब दूर-दराज के जंगल और पहाड़ों में ठिकाने बना रहे हैं। ऑपरेशन के दौरान राशन, बर्तन, गैस स्टोव, हथियार और गोला-बारूद बरामद हुए। यह दिखाता है कि ठिकाने लंबे समय तक उपयोग के लिए बनाए गए थे।
पिर पंजाल रेंज अब आतंकवादियों के लिए नया ठिकाना बन गई है। सुरक्षा बल सतर्क हैं और पूरे जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी नेटवर्क को खत्म करने के लिए लगातार ऑपरेशन कर रहे हैं। भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य एजेंसियों के संयुक्त प्रयासों से कई हथियार और गोला-बारूद भी जब्त हुए हैं।

सुरक्षा बल आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। हाई-रेज़ॉल्यूशन CCTV, ड्रोन और ग्राउंड-पेनेट्रेटिंग राडार (GPR) से दुर्गम इलाकों में छिपे बंकरों का पता लगाया जा रहा है। इससे ऑपरेशन और सटीक और असरदार बन रहे हैं।
सुरक्षा बलों की सतर्कता और मेहनत से कश्मीर में आतंकवाद को रोकने की कोशिशें लगातार जारी हैं।

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संजना झा पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं। वर्तमान में वह हिंदी माइक में बतौर असिस्टेंट एडिटर कार्यरत हैं। उन्हें समसामयिक घटनाएँ, राजनीति एवं लाइफस्टाइल जैसे विषयों में गहरी समझ और लेखन का व्यापक अनुभव प्राप्त है। अपनी खोजपरक दृष्टि, तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विषयों की गहराई तक पहुंचने की शैली के लिए वह जानी जाती हैं।
ज्वाइनिंग डेट: 16 अगस्त 2025

