खजूरी खास में अपराध का सैलाब: दिल्ली पुलिस पर उठ रहे गंभीर सवाल

करावल नगर विधानसभा और सांसद क्षेत्र में लगातार बढ़ रही स्नैचिंग व लूट की घटनाएं

दिल्ली का यमुना पार और यमुना पार में खजूरी खास चौक इन दिनों खूबसूरत नहीं बल्कि अपराध के कारण चर्चा में है। पिछले कुछ दिनों से दिल्ली पुलिस और दिल्ली का अपराध, दोनों ही चर्चा का विषय बने हुए हैं। कारण है दिल्ली में तेजी से बढ़ रही आपराधिक घटनाएं।

देश की राजधानी में जनसंख्या का दबाव है और कई तरह की समस्याएं हैं, लेकिन दिल्ली पुलिस के अपने भी कई दावे हैं। इसलिए सवाल उठता है कि दिल्ली पुलिस जहां यह दावा करती है कि मिनट भर में वह आपके साथ है, वहां इस तरीके से आपराधिक घटनाक्रम कैसे बढ़ रहा है?

ताजा मामला ले लें तो दिल्ली के यमुना पार क्षेत्र के खजूरी खास में लगातार आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं। कुछ मामलों की शिकायत थाने में दर्ज होती है, तो कुछ मामले ऐसे भी हैं जिनकी शिकायत दर्ज कराने की हिम्मत तक लोग नहीं जुटा पाते। इनमें विशेष तौर पर मोबाइल स्नैचिंग, ज्वेलरी स्नैचिंग और नशेड़ियों द्वारा आम राहगीरों पर हमला अब आम बात हो गई है।

विगत दिनों की बात करें तो खजूरी खास चौक पर शाम करीब 7:30 बजे एक महिला के साथ गंभीर घटना हुई। तीन लड़के मोटरसाइकिल पर आए, पीछे से उसका गला पकड़ा, उसके शरीर में पहनी हुई ज्वेलरी छीनी, उसका मोबाइल और कैश लूट लिया और महिला को कई मीटर तक घसीटते हुए ले गए। मोबाइल स्नैचिंग तो आम बात हो गई है। सरेआम अवैध धंधे भी हो रहे हैं।

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह खजूरी खास क्षेत्र कपिल मिश्रा, जो कि दिल्ली सरकार में मंत्री भी हैं और भाजपा के फायर ब्रांड नेता माने जाते हैं, उनके विधानसभा क्षेत्र करावल नगर का केंद्र बिंदु है। हजारों राहगीर इस रास्ते से आवाजाही करते हैं। यह उत्तर प्रदेश और दिल्ली का बॉर्डर क्षेत्र भी है, लेकिन अपराधियों का मनोबल हाई है और ऐसा लगता है कि दिल्ली पुलिस चैन की नींद सो रही है या आंख बंद करके सब कुछ चुपचाप सुन रही है, देख नहीं पा रही है — क्योंकि आंख तो बंद है दिल्ली पुलिस की।इतना ही नहीं, यह क्षेत्र भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान में तीन बार के सांसद मनोज तिवारी का लोकसभा क्षेत्र भी है। ध्यान रहे, मनोज तिवारी एकमात्र ऐसे सदस्य थे जो 2024 के लोकसभा चुनाव में अपना टिकट बचाने में कामयाब हुए थे।

इन सभी परिस्थितियों में भाजपा के दो बड़े नेताओं — कपिल मिश्रा का विधानसभा क्षेत्र और मनोज तिवारी का संसदीय क्षेत्र — होने के बावजूद भी कानून व्यवस्था लगभग ध्वस्त सी नजर आ रही है। जेबकतरों का मनोबल बढ़ा हुआ है, स्नैचिंग करने वालों का मनोबल बढ़ा हुआ है, सरेआम ब्लेडबाजी, मोबाइल स्नैचिंग, ज्वेलरी स्नैचिंग हो रही है और अन्य कई प्रकार के अवैध कारोबार भी चल रहे हैं। लेकिन माननीय मंत्री जी हों या माननीय सांसद जी, इस बाबत किसी भी प्रकार के एक्शन मोड में नजर नहीं आते।

इतना ही नहीं, दिल्ली में भाजपा की सरकार है, एमसीडी में भाजपा की सरकार है और दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय के अंतर्गत आती है, जिसका सीधा प्रभार गृह मंत्री अमित शाह के पास है। तो इसमें बड़ा सवाल यह उठता है कि ऐसी स्थिति में आम जनमानस खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करेगा? दिल्ली पुलिस आखिर कब जागेगी और कब माननीय मंत्री जी और माननीय सांसद जी इस पूरे मामले को लेकर एक्शन मोड में नजर आएंगे?

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