राष्ट्रपति मुर्मू के सम्मान में ब्राज़ील राष्ट्रपति लूला का बड़ा बयान

राजभवन की दावत में बोले लूला दा सिल्वा— शिक्षा में निवेश से बदलती है राष्ट्र की किस्मत

दिल्ली में आयोजित एक औपचारिक दावत के दौरान ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला डा सिल्वा ने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की सराहना करते हुए एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। यह दावत राष्ट्रपति मुर्मू द्वारा उनके सम्मान में आयोजित की गई थी, जिसमें दोनों देशों के उच्चस्तरीय प्रतिनिधि और गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।

अपने संबोधन में लूला दा सिल्वा ने कहा कि राष्ट्रपति मुर्मू दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देश के राष्ट्रपति पद पर आसीन होने वाली दूसरी महिला हैं और भारतीय मूल के समुदाय से आने वाली पहली महिला हैं। उन्होंने इसे भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक प्रगति का प्रतीक बताया।

ब्राज़ील के राष्ट्रपति ने आगे कहा कि यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि शिक्षा में किया गया निवेश किसी भी देश की दिशा और दशा बदल सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब समाज के हर वर्ग को शिक्षा का अवसर मिलता है, तो वह राष्ट्र के विकास में निर्णायक भूमिका निभाता है।

लूला ने भारत और ब्राज़ील के बीच मजबूत लोकतांत्रिक परंपराओं और सामाजिक समानता के मूल्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों देश विविधता में एकता और समावेशी विकास के उदाहरण हैं। इस अवसर को उन्होंने भारत-ब्राज़ील संबंधों को और मजबूत करने का महत्वपूर्ण क्षण बताया।

राष्ट्रपति मुर्मू के नेतृत्व की सराहना करते हुए लूला ने कहा कि उनका राष्ट्रपति पद पर पहुंचना न केवल भारत के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि यह दर्शाता है कि लोकतंत्र में अवसर और क्षमता का सम्मान सर्वोपरि है।

कार्यक्रम के दौरान दोनों देशों के बीच सहयोग, व्यापार, शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। यह दौरा भारत-ब्राज़ील संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

इस औपचारिक दावत में दिए गए संदेश ने शिक्षा और समान अवसरों की शक्ति को वैश्विक मंच पर रेखांकित किया, जिसे दोनों देशों के रिश्तों के लिए सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

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