AI की जंग में भारत की एंट्री! पीएम मोदी का ग्लोबल ऐलान

AI Impact Summit में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मानव-केंद्रित वैश्विक AI सिस्टम बनाने और सही समय पर सही नीतियां अपनाने पर दिया जोर

प्रधानमंत्री Narendra Modi ने AI Impact Summit के लीडर्स प्लेनरी सत्र में अपने संबोधन के दौरान वैश्विक स्तर पर मानव-केंद्रित और संवेदनशील कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) प्रणाली के निर्माण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि तकनीकी बदलाव हमेशा मानवता के लिए नए अवसर लेकर आते हैं और AI का उभार भी ऐसा ही एक महत्वपूर्ण अवसर है।

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि दुनिया को मिलकर ऐसा AI इकोसिस्टम विकसित करना चाहिए, जो केवल तकनीकी प्रगति तक सीमित न हो, बल्कि मानव मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों को भी ध्यान में रखे। उनके अनुसार, AI का उद्देश्य लोगों के जीवन को आसान और बेहतर बनाना होना चाहिए, न कि असमानता बढ़ाना।

उन्होंने यह भी कहा कि सही समय पर सही नीतिगत निर्णय लेना बेहद आवश्यक है। यदि देशों के बीच सहयोग और स्पष्ट नीति ढांचा तैयार किया जाए, तो AI का सकारात्मक प्रभाव सुनिश्चित किया जा सकता है। प्रधानमंत्री ने वैश्विक नेताओं से अपील की कि वे मिलकर एक स्पष्ट रोडमैप तैयार करें, जिससे AI का उपयोग विकास, नवाचार और समावेशन को बढ़ावा देने के लिए किया जा सके।

अपने संबोधन में उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि AI को मानव क्षमता का विकल्प नहीं, बल्कि सहयोगी के रूप में देखा जाना चाहिए। स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, उद्योग और सार्वजनिक सेवाओं जैसे क्षेत्रों में AI बड़ी भूमिका निभा सकता है, बशर्ते इसे जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ लागू किया जाए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मानवता ने हमेशा चुनौतियों को अवसरों में बदला है और AI के मामले में भी यही दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है। उन्होंने दोहराया कि नीतियां ऐसी होनी चाहिए जो नवाचार को प्रोत्साहित करें, साथ ही नैतिकता और जवाबदेही को भी सुनिश्चित करें।
यह संबोधन ऐसे समय में आया है जब दुनियाभर में AI को लेकर तेजी से चर्चा हो रही है और विभिन्न देश इसके नियमन और उपयोग के लिए नए ढांचे तैयार कर रहे हैं। भारत ने स्पष्ट किया है कि वह एक सुरक्षित, समावेशी और मानव-केंद्रित AI भविष्य के निर्माण के लिए वैश्विक सहयोग का समर्थक है।

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