प्रशांत किशोर बोले, जनता के हाथ में है बदलाव की चाबी
रोजगार और पलायन रोकने के लिए जनता को सही वोट देने की अपील
जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने मोतिहारी में जनता को संबोधित करते हुए चुनावी महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जनता अब बदलाव चाहती है और इस बदलाव का विकल्प जनसुराज है। किशोर ने कहा,
“एक नया विकल्प जनसुराज का विकल्प जनता के बीच में है। यह अकेले प्रशांत किशोर की लड़ाई नहीं है। अपने गांव और मोहल्ले का जिम्मा लीजिए। इस बार रोजगार और पलायन बंद करने के लिए वोट दीजिए।”
किशोर ने पिछले तीन सालों के अपने अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि जनता को अब अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। उन्होंने चेताया,
“अगर गलती की गई तो फिर पांच साल इसी दशा में जीना पड़ेगा। नेताओं के बच्चों के लिए वोटिंग बहुत हो गई, एक बार अपने बच्चों के लिए भी वोट दीजिए।”
प्रशांत किशोर ने रोजगार, शिक्षा और स्थानीय विकास पर विशेष जोर दिया। उनका कहना था कि पलायन रोकने और गांव-शहर में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए सही प्रतिनिधियों का चुनाव बेहद जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपने मोहल्ले और गांव के विकास के लिए सक्रिय होने का आह्वान किया।
विशेषज्ञ मानते हैं कि प्रशांत किशोर का यह जनसुराज अभियान बिहार में युवा और बेरोजगार वोटरों को जोड़ने की रणनीति है। उनका लक्ष्य है कि जनता अपने अधिकार का प्रयोग करे और बदलाव के लिए सही विकल्प चुने।
इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा कि अब चुनाव केवल राजनीतिक दलों के बच्चों या बड़े नेताओं के लिए नहीं है, बल्कि यह सामान्य जनता के बच्चों और भविष्य के लिए होना चाहिए।
जनसुराज पार्टी का यह अभियान अब बिहार में तेजी से फैल रहा है और प्रशांत किशोर जनता के बीच जाकर लोकतांत्रिक जिम्मेदारी और बदलाव की अहमियत को समझा रहे हैं।

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संजना झा पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं। वर्तमान में वह हिंदी माइक में बतौर असिस्टेंट एडिटर कार्यरत हैं। उन्हें समसामयिक घटनाएँ, राजनीति एवं लाइफस्टाइल जैसे विषयों में गहरी समझ और लेखन का व्यापक अनुभव प्राप्त है। अपनी खोजपरक दृष्टि, तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विषयों की गहराई तक पहुंचने की शैली के लिए वह जानी जाती हैं।
ज्वाइनिंग डेट: 16 अगस्त 2025

