महाअष्टमी पर गांगुली की पूजा, सबकी नजरें पंडाल पर!
सौरव गांगुली की पूजा ने पंडाल में बनाया नया जोश, वजह है खास!
कोलकाता, पश्चिम बंगाल: दुर्गा पूजा का उत्सव पूरे शहर में जोरों पर है। गली-मोहल्ले और बाजारों में रोशनी और सजावट देखने लायक है। महाअष्टमी के दिन सबसे ज्यादा लोग पंडालों में गए। इसी बीच भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली भी दर्शन करने पहुंचे।
गांगुली दक्षिण कोलकाता के बाबूबागान सरबोजनीन दुर्गोत्सव समिति के पंडाल में आए। उन्होंने साधारण तरीके से पूजा की। देश और बंगाल की खुशहाली के लिए प्रार्थना की। पंडाल में मौजूद लोग उन्हें देखकर बहुत खुश हुए। कई लोग तस्वीरें लेने की कोशिश कर रहे थे। गांगुली ने भी हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया।
बाबूबागान का पंडाल हर साल चर्चा में रहता है। लोग यहां की सजावट और झांकियों को देखने आते हैं। इस बार भी पंडाल में पारंपरिक और आधुनिक चीज़ें मिलाकर सजावट की गई थी। गांगुली की मौजूदगी ने माहौल और जीवंत बना दिया।
महाअष्टमी को पूजा का सबसे अहम दिन माना जाता है। सुबह से लोग नए कपड़े पहनकर अंजलि देने पहुंचे। कन्या पूजन और संधि पूजा का आयोजन भी हुआ। ढाक की थाप और शंख की आवाज़ हर जगह गूंज रही थी। महिलाएं लाल बॉर्डर वाली साड़ी में और पुरुष धोती-कुर्ता में दिखे। बच्चे भी उत्साह में पंडालों में घूम रहे थे।
दुर्गा पूजा सिर्फ़ धार्मिक पर्व नहीं है। यह बंगाल की संस्कृति और लोगों को जोड़ने का तरीका भी है। हर वर्ग, हर परिवार इस उत्सव में शामिल होता है। गांगुली जैसे बड़े नाम का पंडाल में होना यह दिखाता है कि दुर्गा पूजा हर किसी के दिल में खास जगह रखती है।
लोग कह रहे हैं कि इस साल पंडाल और भी सुंदर बन गया है। भक्तों का उत्साह पहले से ज्यादा दिखाई दे रहा है।

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संजना झा पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं। वर्तमान में वह हिंदी माइक में बतौर असिस्टेंट एडिटर कार्यरत हैं। उन्हें समसामयिक घटनाएँ, राजनीति एवं लाइफस्टाइल जैसे विषयों में गहरी समझ और लेखन का व्यापक अनुभव प्राप्त है। अपनी खोजपरक दृष्टि, तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विषयों की गहराई तक पहुंचने की शैली के लिए वह जानी जाती हैं।
ज्वाइनिंग डेट: 16 अगस्त 2025

