हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य पर बढ़ा तनाव, ट्रंप ने कई देशों से मांगी मदद
दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिर चर्चा शुरू हो गई है।
मध्य पूर्व क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय खबरों में आ गया है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई देशों से इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते की सुरक्षा के लिए अपने युद्धपोत भेजने की अपील की है। ट्रंप के इस बयान के बाद दुनिया भर में यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या कोई भी देश इस जलडमरूमध्य में अपने सैन्य जहाज तैनात कर सकता है और आखिर इस क्षेत्र पर किसका नियंत्रण है।
हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ने वाला एक संकरा समुद्री रास्ता है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है। खाड़ी के कई देश जैसे सऊदी अरब, इराक, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात से निकलने वाला कच्चा तेल इसी रास्ते से होकर दुनिया के अलग-अलग देशों तक पहुंचता है। इसी वजह से इस क्षेत्र को वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है।
भौगोलिक रूप से देखा जाए तो इस जलडमरूमध्य के उत्तर में ईरान स्थित है, जबकि दक्षिण की ओर ओमान का इलाका पड़ता है। हालांकि इस समुद्री रास्ते को किसी एक देश का पूरी तरह नियंत्रण वाला क्षेत्र नहीं माना जाता। अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के अनुसार यह एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है, जहां से दुनिया के विभिन्न देशों के जहाज गुजर सकते हैं।
इसी नियम के कारण व्यापारिक जहाजों के साथ-साथ सैन्य जहाजों को भी इस रास्ते से गुजरने की अनुमति होती है। लेकिन उन्हें अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करना पड़ता है और किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई या टकराव से बचना होता है।
हाल के समय में मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण इस क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। ट्रंप की अपील के बाद यह मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है कि इस समुद्री रास्ते की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में किसी तरह की बड़ी समस्या या टकराव होता है तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस रास्ते से बड़ी मात्रा में तेल और अन्य जरूरी सामान दुनिया के अलग-अलग देशों तक पहुंचता है।

Author
संजना झा पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं। वर्तमान में वह हिंदी माइक में बतौर असिस्टेंट एडिटर कार्यरत हैं। उन्हें समसामयिक घटनाएँ, राजनीति एवं लाइफस्टाइल जैसे विषयों में गहरी समझ और लेखन का व्यापक अनुभव प्राप्त है। अपनी खोजपरक दृष्टि, तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विषयों की गहराई तक पहुंचने की शैली के लिए वह जानी जाती हैं।
ज्वाइनिंग डेट: 16 अगस्त 2025

