शिंदे-राज की मुलाकात से बढ़ी सियासी हलचल, सुषमा अंधारे ने तोड़ी चुप्पी
शिंदे-राज मुलाकात पर सुषमा अंधारे का बयान, बोलीं— इसे ज्यादा तूल न दें
महाराष्ट्र की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब मुख्यमंत्री Eknath Shinde और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख Raj Thackeray की मुलाकात की खबर सामने आई। इस बैठक को लेकर अलग-अलग राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई।
हालांकि, इस पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट की नेता Sushma Andhare ने कहा कि इस मुलाकात को अनावश्यक रूप से बड़ा मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, राजनीतिक नेताओं के बीच बैठक होना सामान्य बात है और इसे किसी बड़े सियासी संदेश के तौर पर देखना जल्दबाजी होगी।
अंधारे ने यह भी संकेत दिया कि महाराष्ट्र की राजनीति में अलग-अलग दलों के नेता समय-समय पर बातचीत करते रहते हैं। इसे गठबंधन या नए समीकरण से जोड़कर देखना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवाद की गुंजाइश हमेशा बनी रहती है और इसे नकारात्मक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हाल के स्थानीय निकाय चुनावों और बदलते राजनीतिक माहौल के बीच यह मुलाकात महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ऐसे समय में जब राज्य की राजनीति पहले से ही कई धड़ों में बंटी हुई है, दो बड़े नेताओं की बैठक स्वाभाविक रूप से चर्चा का विषय बन जाती है।
हालांकि शिवसेना UBT की ओर से आए बयान ने यह स्पष्ट करने की कोशिश की है कि पार्टी इस मुलाकात को ज्यादा महत्व देने के पक्ष में नहीं है। इससे यह संकेत मिलता है कि उद्धव गुट फिलहाल किसी नई राजनीतिक अटकल को हवा नहीं देना चाहता।
महाराष्ट्र की राजनीति में आगे क्या समीकरण बनेंगे, यह आने वाला समय तय करेगा। फिलहाल इस बैठक को लेकर बयानबाजी का दौर जारी है, लेकिन सुषमा अंधारे के बयान ने राजनीतिक तापमान को कुछ हद तक संतुलित करने की कोशिश जरूर की है।

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संजना झा पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं। वर्तमान में वह हिंदी माइक में बतौर असिस्टेंट एडिटर कार्यरत हैं। उन्हें समसामयिक घटनाएँ, राजनीति एवं लाइफस्टाइल जैसे विषयों में गहरी समझ और लेखन का व्यापक अनुभव प्राप्त है। अपनी खोजपरक दृष्टि, तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विषयों की गहराई तक पहुंचने की शैली के लिए वह जानी जाती हैं।
ज्वाइनिंग डेट: 16 अगस्त 2025

