ट्रंप का ट्रेड शॉक! कोर्ट के फैसले के बाद दुनिया पर 15% टैरिफ की मार
यूएस में आर्थिक मोर्चे पर बड़ा कदम: अमेरिकी प्रशासन ने ट्रेड नीतियों में बदलाव कर दुनिया भर के सामानों पर नया टैरिफ लगाया
अमेरिका में आर्थिक नीति को लेकर एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जब पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नियमित नीति-निर्माण ढांचे को लागू करते हुए अमेरिकी प्रशासन ने वैश्विक स्तर पर उत्पादों पर 15 प्रतिशत का नया टैरिफ लगाकर एक अहम निर्णय लिया है। यह कदम अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अगले ही दिन उठाया गया, जिसने अमेरिका के आपातकालीन कानून के तहत लगाए गए पुराने वैश्विक टैरिफ को निरस्त कर दिया था।
इस नई घोषणा के अनुसार, अमेरिका अब उन सभी आयातित वस्तुओं पर 15% तक अतिरिक्त शुल्क लगाएगा जिन पर पहले कोई समान दर लागू नहीं थी। यह टैरिफ फैसला आम तौर पर उन देशों के लिए लागू होगा जिनसे अमेरिका का व्यापार संतुलन निर्यात-आयात में बहुत बड़ा असंतुलित है।
आर्थिक विश्लेषकों का कहना है कि इसका असर सीधे तौर पर वैश्विक व्यापार पर पड़ेगा और कई देशों के निर्यातकों को अपने उत्पादों के दाम बढ़ाने पड़ सकते हैं। इससे अमेरिका में घरेलू उद्योगों को लाभ होने की भी संभावना जताई जा रही है, क्योंकि ऊँचे टैरिफ अन्य देशों के सस्ते उत्पादों को प्रतिस्पर्धा से बाहर रख सकते हैं।
हालाँकि यह भी स्पष्ट है कि अंतरराष्ट्रीय कंपनियों और उपभोक्ताओं को इससे महंगाई का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि व्यापार लागत में वृद्धि होने से वस्तुओं की कीमतों में इज़ाफ़ा संभव है। यही वजह है कि कई अर्थशास्त्रियों ने इस नीति के दूरगामी प्रभाव पर चिंता जताई है, खासकर उन देशों के लिए जिनके साथ अमेरिका का व्यापार बहुत बड़ा है।
टैरिफ बढ़ाने का निर्णय एक ऐसे समय में आया है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था पहले से ही अनिश्चितता और प्रतिस्पर्धा की चुनौतियों का सामना कर रही है। विकसित और उभरते दोनों देश अपने घरेलू उद्योगों को बचाने के लिए नई रणनीतियाँ अपनाने की कोशिश कर रहे हैं। इस कदम को अमेरिका की सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता से जोड़कर देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, यह अमेरिका की विदेशी व्यापार नीति में बड़ा बदलाव है और इसकी वजह से कई देशों के साथ द्विपक्षीय व्यापार वार्ताओं का स्वरूप भी बदल सकता है। कई वैश्विक संस्थान अब संभावित समीक्षा और प्रतिक्रिया पर विचार कर रहे हैं कि इस नए शुल्क का असर किस हद तक होगा।
कुल मिलाकर, अमेरिका द्वारा 15 प्रतिशत के नए टैरिफ को लागू करना वैश्विक व्यापार नीति में एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है, जिसका असर आने वाले महीनों में दुनिया भर के बाज़ारों में देखा जा सकता है।

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संजना झा पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं। वर्तमान में वह हिंदी माइक में बतौर असिस्टेंट एडिटर कार्यरत हैं। उन्हें समसामयिक घटनाएँ, राजनीति एवं लाइफस्टाइल जैसे विषयों में गहरी समझ और लेखन का व्यापक अनुभव प्राप्त है। अपनी खोजपरक दृष्टि, तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विषयों की गहराई तक पहुंचने की शैली के लिए वह जानी जाती हैं।
ज्वाइनिंग डेट: 16 अगस्त 2025

