ईरान की ताकत खत्म? ट्रंप का दावा—100 जहाज डूबे, हजारों ठिकाने तबाह

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ट्रंप ने हॉर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा के लिए कई देशों से मदद मांगी।

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक बयान चर्चा में आ गया है। उन्होंने दावा किया है कि हाल के संघर्ष के दौरान ईरान को भारी नुकसान हुआ है और उसके कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है।

ट्रंप के मुताबिक इस कार्रवाई में हजारों संभावित सैन्य लक्ष्यों पर हमला किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि समुद्र में मौजूद ईरान से जुड़े कई जहाजों को भी नष्ट किया गया है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन उनके बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई है।

इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर हो रही है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल रास्तों में से एक माना जाता है। खाड़ी क्षेत्र से निकलने वाला काफी बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर दुनिया के अलग-अलग देशों तक पहुंचता है। इसलिए यहां किसी भी तरह का तनाव वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर डाल सकता है।

ट्रंप ने कहा कि इस समुद्री मार्ग को सुरक्षित रखना बहुत जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि कई ऐसे देश हैं जिनकी ऊर्जा जरूरतें इसी रास्ते से पूरी होती हैं। इसलिए इन देशों को इस क्षेत्र की सुरक्षा में सहयोग करना चाहिए।

बताया जा रहा है कि इस मुद्दे को लेकर अमेरिका ने कई देशों से बातचीत भी की है। इसमें एशिया और यूरोप के कुछ प्रमुख देश शामिल हैं। हालांकि अभी तक किसी बड़े सैन्य अभियान की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हॉर्मुज जलडमरूमध्य में स्थिति ज्यादा बिगड़ती है तो इसका असर पूरी दुनिया में तेल की कीमतों और व्यापार पर पड़ सकता है। यही कारण है कि कई देश इस समय स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।

फिलहाल इस क्षेत्र में तनाव बना हुआ है, लेकिन ज्यादातर देश कूटनीतिक बातचीत के जरिए समाधान निकालने की उम्मीद कर रहे हैं।

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