ट्रंप के बयान से हड़कंप,क्या मारे जाते पाक पीएम?
ट्रंप का दावा, हस्तक्षेप नहीं करते तो खतरे में थी पाक प्रधानमंत्री की जान, दोनों देशों में तेज हुई सियासी बहस।
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump अपने बयानों के कारण दुनिया भर की मीडिया की सुर्खियों में बने रहते हैं। उनके बयान कई देशों की सियासत में भूचाल ला देते हैं। अपने दूसरे कार्यकाल में ट्रंप अलग ही मोड और मूड में नजर आ रहे हैं।रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर उन्होंने जो बयान दिया, वह दुनिया भर में चर्चा का विषय बना। इसके बाद रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin भी अमेरिका दौरे पर गए। दोनों देशों के बीच शांति को लेकर बैठक करने का प्रयास हुआ, लेकिन समस्या का समाधान नहीं निकल सका और अभी भी रूस-यूक्रेन युद्ध जारी है।

सिर्फ रूस और यूक्रेन ही एकमात्र मुद्दा नहीं है। पाकिस्तान द्वारा किए गए आतंकी हमले के जवाब में चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के बाद भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐसा बयान दिया था, जिससे भारत की सियासत में हलचल मच गई थी।
ट्रंप ने अपने बयान में कहा था कि उन्होंने दोनों देशों से पूछा कि उन्हें युद्ध करना है या व्यापार। अगर व्यापार करना है तो तुरंत युद्ध रोका जाए, और उनके कहने पर दोनों देश राजी हो गए। उन्होंने बाकायदा प्रधानमंत्री Narendra Modi का नाम लेते हुए कहा कि उन्होंने उनसे भी कहा कि यदि व्यापार करना है तो युद्ध रोका जाए।ट्रंप के इस बयान को विपक्ष ने हाथों-हाथ लिया और लगातार यह सवाल उठाया गया कि क्या अमेरिका के दबाव में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर रोका।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदन में आकर, बिना किसी का नाम लिए, कहा कि ऑपरेशन सिंदूर को अभी स्थगित किया गया है और यदि सीमा पर किसी भी प्रकार का आतंकी हमला होता है तो उसे भारत के खिलाफ युद्ध माना जाएगा और ऑपरेशन सिंदूर फिर से शुरू किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत ने किसी के दबाव में यह कदम नहीं उठाया है।

अब एक बार फिर ट्रंप ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिससे भारत ही नहीं बल्कि पाकिस्तान की सियासत में भी हलचल मचना तय माना जा रहा है। अपने ताजा बयान में ट्रंप ने कहा है कि भारत-पाकिस्तान के बीच ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चल रहे संघर्ष में यदि उन्होंने हस्तक्षेप नहीं किया होता, तो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की मौत हो जाती।

ट्रंप का यह बयान अब दोनों देशों की सियासत में क्या नया विवाद खड़ा करता है, यह जल्द ही स्पष्ट होगा। हालांकि, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दोनों देशों के बीच चले संघर्ष को लेकर ट्रंप लगातार यह दावा करते रहे हैं कि उनके कहने पर ही कार्रवाई रोकी गई। वहीं, भारत सरकार आधिकारिक बयान जारी कर उनके इस दावे का खंडन करती रही है।

आशुतोष झा पत्रकारिता के क्षेत्र में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं। वर्तमान में वे हिंदी माइक में कंसल्टिंग एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें समसामयिक घटनाएँ, राजनीति एवं विदेश मामलों की गहरी समझ है तथा ग्राउंड रिपोर्टिंग में भी उनका अनुभव अत्यंत व्यापक है।
ज्वाइनिंग डेट: 16 अगस्त 2025

