तीन बंदर’ विवाद से गरमाया बिहार चुनावी माहौल

बिहार चुनाव में ‘तीन बंदर’ बयान पर योगी–अखिलेश आमने-सामने

बिहार विधानसभा चुनावों के प्रचार अभियान में अब जुबानी जंग तेज हो गई है। सोमवार को दरभंगा में एक जनसभा के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महागठबंधन (INDIA ब्लॉक) पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “गांधी जी के तीन बंदरों की तरह अब इंडी गठबंधन के तीन नए बंदर आ गए हैं — पप्पू, टप्पू और अप्पू।”

योगी ने कहा, “पप्पू सच नहीं बोल सकता, टप्पू सही को देख नहीं सकता और अप्पू सच नहीं सुन सकता।” उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग “परिवारवाद और माफिया राज को बढ़ावा दे रहे हैं और बिहार की सुरक्षा को खतरे में डाल रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि महागठबंधन के नेताओं ने बिहार में जातीय राजनीति को बढ़ावा दिया और प्रशासनिक व्यवस्था को बंदूक और अपराध से कलंकित किया। “ये वही लोग हैं जो घुसपैठियों को आमंत्रित करते हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा को कमजोर करते हैं,” योगी ने कहा।

योगी के इस ‘तीन बंदर’ वाले तंज पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने तुरंत पलटवार किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा,
“जो लोग आईना देखकर आते हैं, उन्हें हर तरफ़ बंदर नज़र आते हैं। बंदर की टोली में बैठा दिया जाए, तो अलग नजर भी नहीं आते हैं।”

सिवान में एक जनसभा में अखिलेश यादव ने भाजपा पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि “हमें बिहार को गप्पू और चप्पू से बचाना है।” उन्होंने कहा कि NDA अब घबराया हुआ है, क्योंकि महागठबंधन युवाओं और महिलाओं के लिए नौकरियों और ₹2500 सम्मान राशि जैसी योजनाएं लेकर आया है।

अखिलेश ने भाजपा पर पुराने वादों की याद दिलाते हुए कहा, “ये वही लोग हैं जिन्होंने 15 लाख रुपये देने और करोड़ों नौकरियां देने का वादा किया था। अब वे मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए बंदरों की बातें कर रहे हैं।”

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह बयानबाज़ी आने वाले दिनों में और तेज़ होगी, क्योंकि बिहार चुनाव का हर चरण अब सीधा NDA बनाम INDIA ब्लॉक की लड़ाई में बदलता जा रहा है।

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