नेपाल में बवाल! मंत्री और राष्ट्रपति के घर पर प्रदर्शनकारियों का कब्ज़ा

नेपाल में बवाल मंत्री और राष्ट्रपति के घर पर प्रदर्शनकारियों का कब्ज़ा

नेपाल में राजनीतिक संकट गहराया, मंत्री और राष्ट्रपति के घर पर कब्ज़ानेपाल की राजनीति इन दिनों भीषण संकट के दौर से गुजर रही है। सोशल मीडिया बैन को लेकर शुरू हुआ विरोध अब सीधे सत्ता के गलियारों तक पहुँच चुका है। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि प्रदर्शनकारियों ने ऊर्जा मंत्री के घर पर कब्ज़ा कर लिया है। यही नहीं, राष्ट्रपति के निजी आवास पर भी भीड़ ने धावा बोल दिया है। वहाँ का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है।यह घटनाक्रम न सिर्फ आम जनता के गुस्से को दिखाता है बल्कि ओली सरकार की स्थिति को भी बेहद कमजोर करता है।

जानकारों का कहना है कि अब प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली के लिए सत्ता में बने रहना लगभग नामुमकिन हो गया है।

सोशल मीडिया बैन से शुरू हुआ आंदोलन नेपाल सरकार ने कुछ दिन पहले फेसबुक, ट्विटर, यूट्यूब समेत 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बैन लगाने का फैसला किया था। 28 अगस्त को नेपाल सरकार ने सभी सोशल मीडिया कंपनियों को रजिस्ट्रेशन के लिए सात दिन का समय दिया था। यह डेडलाइन 3 सितंबर की रात खत्म हो गई। लेकिन न तो मेटा (फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप) और न ही अल्फाबेट (यूट्यूब) जैसी बड़ी कंपनियों ने आवेदन जमा किया।

4 सितंबर को मंत्रालय की बैठक में बैन लागू करने का फैसला लिया गया।सरकार का कहना था कि यह कदम सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के अनुरूप था।जिसमें कहा गया था कि नेपाल में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स का रजिस्टर्ड होना अनिवार्य है। लेकिन आम जनता ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया।युवा वर्ग, पत्रकार, छात्र और नागरिक समाज के लोग लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे। धीरे-धीरे यह आंदोलन हिंसक होता गया और अब इसकी चपेट में शीर्ष नेताओं के निजी आवास भी आ गए हैं।सुरक्षा व्यवस्था ध्वस्तराजधानी काठमांडू समेत कई जिलों में कर्फ्यू लगाया गया है। लेकिन भीड़ की आक्रामकता के सामने सुरक्षा बल बेबस नजर आ रहे हैं।

ऊर्जा मंत्री के घर में घुसने के बाद भीड़ ने कई दस्तावेज और सामान बाहर फेंक दिए। राष्ट्रपति के निजी घर के बाहर भी हजारों लोग जमा हैं और नारेबाजी कर रहे हैं।सूत्रों के मुताबिक, सेना को अलर्ट पर रखा गया है और हालात काबू से बाहर न हों, इसके लिए “देखते ही गोली मारने” के आदेश भी कई इलाकों में जारी किए गए हैं।

ओली सरकार पर दबावराजनीतिक हलकों में चर्चा है कि अब ओली सरकार के पास सत्ता में बने रहने का कोई मजबूत आधार नहीं बचा है। विपक्ष लगातार इस्तीफे की मांग कर रहा है और सत्तारूढ़ दल के भीतर भी असंतोष की आवाजें उठने लगी हैं।अगर हालात जल्द काबू में नहीं आए तो नेपाल में न सिर्फ ओली सरकार का पतन हो सकता है बल्कि पूरे देश में राजनीतिक अस्थिरता और गहराने की आशंका है।

Share Now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *