अरुण सिंह ने बताया भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते का हाल

पूर्व राजदूत ने कहा कि वार्ता संतुलित और दोनों पक्षों के लिए लाभकारी है, और अमेरिका निष्पक्ष दृष्टिकोण अपनाए तो समझौता संभव है।

पूर्व भारत के अमेरिका राजदूत अरुण सिंह ने हाल ही में भारत और अमेरिका के बीच बहु-क्षेत्रीय द्विपक्षीय मुक्त व्यापार समझौते (Multi-sectoral Bilateral Free Trade Agreement) को लेकर अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फरवरी में अमेरिका दौरा इस दिशा में महत्वपूर्ण था।

अरुण सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी व्हाइट हाउस में आमंत्रित चौथे विदेशी नेता थे। यह ट्रम्प प्रशासन की ओर से भारत के संबंधों को महत्व देने का संकेत था। इस अवसर पर जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि दोनों देश अब बहु-क्षेत्रीय द्विपक्षीय मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि भारत पहला ऐसा देश था जिसके साथ अमेरिका ने इस तरह की बातचीत शुरू की।

पूर्व राजदूत ने बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र में उपलब्ध जानकारियों के अनुसार इन वार्ताओं में काफी गहन बातचीत हुई। रिपोर्ट्स के अनुसार, पाँच राउंड की आमने-सामने बैठकें हुईं, जिनमें कभी-कभी एक सप्ताह तक विस्तारित चर्चाएं भी शामिल थीं, और दो राउंड मंत्रिस्तरीय स्तर की भी हुई।

अरुण सिंह ने कहा कि भारत के साथ तैयार किया गया मसौदा काफी उन्नत स्तर पर था और यह दोनों पक्षों के लिए लाभकारी, संतुलित समझौता था। हालांकि, समय के साथ कुछ बदलाव और जटिलताएं आईं। उन्होंने यह भी कहा कि अब तक बहुत बड़ी प्रगति हो चुकी है, और यदि अमेरिकी पक्ष इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाना चाहे, तो इसे करना मुश्किल नहीं होगा।

पूर्व राजदूत ने जोर देकर कहा कि सफल समझौते के लिए दोनों पक्षों को निष्पक्ष और संतुलित दृष्टिकोण अपनाना चाहिए, ताकि किसी भी तरह का एकतरफा दबाव न डाला जाए। उनका मानना है कि सही दृष्टिकोण अपनाने पर भारत और अमेरिका के बीच लाभकारी और संतुलित व्यापार समझौता संभव है।

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