इज़राइल-ईरान जंग के बीच भारत में हलचल, डी.के. शिवकुमार की बड़ी अपील
इज़राइल-ईरान तनाव पर डी.के. शिवकुमार की अपील: “विदेश में काम कर रहे भारतीयों का हौसला न टूटे”
मध्य पूर्व में जारी इज़राइल-ईरान तनाव के बीच भारत में भी चिंता का माहौल बना हुआ है। इस मुद्दे पर कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री D. K. Shivakumar ने भावनात्मक अपील करते हुए देशवासियों से एकजुटता दिखाने का आग्रह किया है।
बेंगलुरु में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि देश के सभी नागरिकों, विशेषकर दक्षिण भारत के लोगों को उन भारतीयों का मनोबल बढ़ाना चाहिए जो वर्तमान हालात के बीच विदेशों में काम कर रहे हैं। उनका कहना था कि इस कठिन समय में सबसे जरूरी है कि हम अपने लोगों का आत्मविश्वास बनाए रखें और उन्हें यह महसूस कराएं कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है।

उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया के किसी भी हिस्से में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है कि वे संकट की घड़ी में अपने नागरिकों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करें। शिवकुमार ने विशेष रूप से निर्दोष लोगों, खासकर बच्चों की मौत पर चिंता जताते हुए कहा कि किसी भी परिस्थिति में ऐसी हिंसा स्वीकार्य नहीं हो सकती।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर वहां काम कर रहे हजारों भारतीयों पर पड़ सकता है। कर्नाटक समेत दक्षिण भारत के कई राज्यों से बड़ी संख्या में लोग खाड़ी देशों और आसपास के क्षेत्रों में रोजगार के लिए गए हुए हैं। ऐसे में राजनीतिक नेतृत्व की ओर से भरोसा दिलाना और शांतिपूर्ण समाधान की अपील करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा स्थिति में भारत सरकार की कूटनीतिक सक्रियता और प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रणनीति अहम भूमिका निभाएगी। शिवकुमार के बयान को इसी संदर्भ में देखा जा रहा है, जहां उन्होंने राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की बात कही।
उन्होंने अंत में कहा कि हिंसा का कोई समाधान नहीं है और वैश्विक स्तर पर शांति, संवाद और संयम ही आगे का रास्ता दिखा सकते हैं।

Author
संजना झा पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं। वर्तमान में वह हिंदी माइक में बतौर असिस्टेंट एडिटर कार्यरत हैं। उन्हें समसामयिक घटनाएँ, राजनीति एवं लाइफस्टाइल जैसे विषयों में गहरी समझ और लेखन का व्यापक अनुभव प्राप्त है। अपनी खोजपरक दृष्टि, तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विषयों की गहराई तक पहुंचने की शैली के लिए वह जानी जाती हैं।
ज्वाइनिंग डेट: 16 अगस्त 2025

