ज्ञानेश कुमार पर पूर्व केरल मुख्य सचिव का बड़ा दावा, BJP टिकट की पेशकश का आरोप

ज्ञानेश कुमार पर पूर्व केरल मुख्य सचिव का बड़ा दावा, BJP टिकट की पेशकश का लगाया आरोप

नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर केरल के पूर्व मुख्य सचिव जिजी थॉमसन के एक दावे ने राजनीतिक हलकों में चर्चा बढ़ा दी है। थॉमसन ने आरोप लगाया है कि सरकारी सेवा में रहते हुए ज्ञानेश कुमार ने उन्हें भारतीय जनता पार्टी (BJP) के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया था।

जिजी थॉमसन के मुताबिक, यह बातचीत वर्ष 2016 में दिल्ली की यात्रा के दौरान एक फ्लाइट में हुई थी। थॉमसन का दावा है कि उस दौरान ज्ञानेश कुमार ने उनसे पूछा था कि क्या वह केरल की पथानामथिट्टा लोकसभा सीट से बीजेपी के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ना चाहेंगे।

थॉमसन के अनुसार, बातचीत में उन्हें यह भी बताया गया था कि चुनाव जीतने की स्थिति में वह पहले सांसद और बाद में केंद्र में मंत्री बन सकते हैं। हालांकि, थॉमसन ने कथित तौर पर इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया और राजनीति में आने से इनकार कर दिया।

जिजी थॉमसन 1980 बैच के केरल कैडर के IAS अधिकारी रहे हैं। वह जनवरी 2015 से फरवरी 2016 तक केरल के मुख्य सचिव के पद पर रहे थे। दूसरी ओर, ज्ञानेश कुमार 1988 बैच के IAS अधिकारी रहे हैं और बाद में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त बने।

क्या है थॉमसन का दावा?

थॉमसन का कहना है कि उस समय ज्ञानेश कुमार स्वयं सरकारी सेवा में थे। इसलिए उन्हें एक सरकारी अधिकारी की ओर से राजनीतिक चुनाव लड़ने का सुझाव मिलने की बात असामान्य लगी। उन्होंने इसी घटनाक्रम का हवाला देते हुए ज्ञानेश कुमार की उस समय की भूमिका और राजनीतिक संपर्कों पर सवाल उठाया है।

हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि BJP टिकट की पेशकश से जुड़ी पूरी बात फिलहाल जिजी थॉमसन के दावे पर आधारित है। इस दावे को स्वतंत्र रूप से प्रमाणित करने वाला कोई सार्वजनिक दस्तावेज सामने नहीं आया है। साथ ही, उपलब्ध रिपोर्टों में इस आरोप पर ज्ञानेश कुमार की ओर से कोई विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया दर्ज नहीं है।

पथानामथिट्टा सीट का क्या है संदर्भ?

पथानामथिट्टा केरल की महत्वपूर्ण लोकसभा सीटों में से एक है। इसी सीट को लेकर थॉमसन ने दावा किया है कि उन्हें बीजेपी के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने का सुझाव दिया गया था। हालांकि, उनके अनुसार उन्होंने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया।

इस पूरे मामले में फिलहाल दो बातें अलग-अलग रखना जरूरी है—एक तरफ पूर्व मुख्य सचिव जिजी थॉमसन का दावा है, जबकि दूसरी तरफ उस दावे की स्वतंत्र पुष्टि और ज्ञानेश कुमार की प्रतिक्रिया का इंतजार है। इसलिए आरोपों को अंतिम तथ्य के रूप में देखना उचित नहीं होगा।

डिस्क्लेमर: इस रिपोर्ट में बताए गए राजनीतिक आरोप संबंधित व्यक्ति के सार्वजनिक रूप से बताए गए दावे पर आधारित हैं। स्वतंत्र पुष्टि होने तक इन्हें आरोप या दावा ही माना जाना चाहिए।

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