प्रधानमंत्री मोदी का अनपेक्षित फैसला – UNGA में नहीं जाएंगे, क्यों?

विदेश मंत्री एस. जयशंकर 27 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत की ओर से भाषण देंगे, अमेरिका से बढ़ते मतभेद के बीच।

UN महासभा सत्र में शामिल नहीं होंगे पीएम मोदी, भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे एस. जयशंकर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बार न्यूयॉर्क में 23 से 29 सितंबर तक आयोजित होने वाले संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के उच्च-स्तरीय सत्र में हिस्सा नहीं लेंगे। उनकी जगह विदेश मंत्री एस. जयशंकर 27 सितंबर को भारत का संबोधन करेंगे।

शुक्रवार को जारी संशोधित अस्थायी सूची में पहले पीएम मोदी का नाम शामिल था और उन्हें 26 सितंबर को महासभा में बोलना था। लेकिन नई सूची के मुताबिक यह जिम्मेदारी विदेश मंत्री जयशंकर को दी गई है।

अमेरिका से बढ़ा तनाव

यह बदलाव ऐसे समय में सामने आया है जब भारत और अमेरिका के रिश्तों में तनाव गहराया हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में भारत पर भारी आयात शुल्क (टैरिफ) लगा दिए हैं। अमेरिका का कहना है कि भारत ने रूस से तेल खरीदा है, जो यूक्रेन युद्ध के बीच उसकी नीति के खिलाफ है। इस कारण ट्रंप प्रशासन ने इसे ‘दंडात्मक कदम’ करार दिया है। विश्लेषकों के अनुसार, यही कूटनीतिक खिंचाव पीएम मोदी के न्यूयॉर्क न जाने की अहम वजह हो सकता है।

महासभा सत्र का कार्यक्रम

संयुक्त राष्ट्र महासभा का 80वां सत्र 9 सितंबर से औपचारिक रूप से शुरू होगा। हालांकि उच्च-स्तरीय सामान्य बहस (General Debate) 23 से 29 सितंबर तक चलेगी। परंपरा के अनुसार, सबसे पहले ब्राज़ील भाषण देगा, उसके बाद अमेरिका का वक्तव्य होगा।

इस बार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का संबोधन विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह उनके दूसरे कार्यकाल का पहला UNGA भाषण होगा। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें उनके वक्तव्य पर टिकी हैं।

भारत का संदेश

भारत की ओर से विदेश मंत्री एस. जयशंकर का संबोधन कूटनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। उनके भाषण में भारत की विदेश नीति, वैश्विक शांति के प्रति दृष्टिकोण और अमेरिका के साथ मौजूदा मतभेद पर संतुलित संदेश देने की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत इस मंच का इस्तेमाल अपनी स्थिति स्पष्ट करने और वैश्विक भूमिका मजबूत करने के लिए करेगा।

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