नेपाल में Gen Z प्रदर्शन में 72 मौतें: जांच के लिए आयोग गठित
पूर्व न्यायाधीश गौरी बहादुर कार्की की अध्यक्षता में आयोग तीन महीने में 72 मौतों की जांच करेगा; पीएम सुशीला कार्की मंत्रिमंडल विस्तार भी करेंगी
काठमांडू: नेपाल की अंतरिम सरकार ने रविवार को जेन जी विरोध प्रदर्शनों में हुई हिंसा की जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय आयोग का गठन किया है। इन प्रदर्शनों में कुल 72 लोगों की मौत हुई थी। आयोग की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश गौरी बहादुर कार्की करेंगे। इसके साथ ही आयोग में पूर्व अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक ज्ञान रण शर्मा और कानूनी विशेषज्ञ बिश्वेश्वर प्रसाद भंडारी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
गृह मंत्री ओम प्रकाश आर्यल ने सिंह दरबार सचिवालय में जानकारी देते हुए कहा कि आयोग को तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि आयोग का गठन जेन जी समूह की प्रमुख मांगों में से एक था। जेन जी ने पहले भी प्रदर्शनकारियों की हत्या की निष्पक्ष जांच और दोषियों की जिम्मेदारी तय करने की मांग की थी।
जेन जी समूह ने शनिवार को पूर्व प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली और तत्कालीन गृह मंत्री रमेश लेखक की गिरफ्तारी की भी मांग की थी। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार ने सुरक्षा बलों के माध्यम से हिंसा को बढ़ावा दिया और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अनुचित कार्रवाई की।
वहीं, नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करने जा रही हैं। सरकारी सूत्रों के अनुसार, मंत्रिमंडल में सात नए मंत्रियों को शामिल किया जाएगा। हालांकि नए मंत्रियों के विभाग और जिम्मेदारियों का विवरण अभी आधिकारिक रूप से जारी नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि यह कदम अंतरिम सरकार को राजनीतिक स्थिरता देने और जनता की नाराजगी को कम करने के प्रयास के तहत उठाया गया है।
नेपाल में जेन जी विरोध प्रदर्शनों ने देश के राजनीतिक माहौल को काफी प्रभावित किया है। पिछले कुछ हफ्तों से प्रदर्शन और हिंसा ने प्रशासनिक और सामाजिक व्यवस्था को चुनौती दी है। आयोग की रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि प्रदर्शनों में हुई मौतों के लिए जिम्मेदारी किसकी है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।
इस बीच, जनता और मानवाधिकार संगठन आयोग की निष्पक्ष जांच की प्रतीक्षा कर रहे हैं, ताकि देश में न्याय और शांति कायम रहे।

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संजना झा पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं। वर्तमान में वह हिंदी माइक में बतौर असिस्टेंट एडिटर कार्यरत हैं। उन्हें समसामयिक घटनाएँ, राजनीति एवं लाइफस्टाइल जैसे विषयों में गहरी समझ और लेखन का व्यापक अनुभव प्राप्त है। अपनी खोजपरक दृष्टि, तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विषयों की गहराई तक पहुंचने की शैली के लिए वह जानी जाती हैं।
ज्वाइनिंग डेट: 16 अगस्त 2025

