सितंबर में भारत आएंगे पुतिन, BRICS Summit पर दुनिया की नजर
नई दिल्ली में आयोजित होने वाले BRICS Summit में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के शामिल होने की संभावना ने वैश्विक राजनीति का ध्यान भारत की ओर खींच लिया है
Vladimir Putin के सितंबर में भारत आने की खबर ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। माना जा रहा है कि रूसी राष्ट्रपति नई दिल्ली में होने वाले BRICS Summit में हिस्सा ले सकते हैं। इस संभावित दौरे को भारत और रूस के रिश्तों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
इस साल BRICS Summit की मेजबानी भारत कर रहा है। ऐसे में दुनिया की कई बड़ी अर्थव्यवस्थाओं और प्रभावशाली देशों के नेताओं की नजर भारत पर टिकी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा वैश्विक हालात के बीच यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
पिछले कुछ समय में दुनिया कई बड़े संकटों और राजनीतिक तनावों से गुजर रही है। पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष, ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक व्यापार और आर्थिक चुनौतियों जैसे मुद्दों ने अंतरराष्ट्रीय मंचों की अहमियत और बढ़ा दी है। ऐसे माहौल में BRICS देशों की यह बैठक वैश्विक राजनीति को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि भारत लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी भूमिका मजबूत कर रहा है। G20 के बाद अब BRICS Summit की मेजबानी भी भारत की कूटनीतिक ताकत को और मजबूत करने वाली मानी जा रही है।
रूस और भारत के बीच लंबे समय से रणनीतिक और आर्थिक संबंध मजबूत रहे हैं। रक्षा, ऊर्जा, तकनीक और व्यापार जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच लगातार सहयोग बढ़ा है। यही वजह है कि पुतिन का संभावित भारत दौरा दोनों देशों के रिश्तों को नई मजबूती देने वाला कदम माना जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, Summit के दौरान कई अहम द्विपक्षीय बैठकों की भी संभावना है। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री Narendra Modi और व्लादिमीर पुतिन के बीच वैश्विक सुरक्षा, व्यापार और रणनीतिक साझेदारी जैसे मुद्दों पर बातचीत हो सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, BRICS अब केवल आर्थिक मंच नहीं रह गया है, बल्कि यह वैश्विक शक्ति संतुलन में भी अहम भूमिका निभाने लगा है। कई नए देशों की इसमें रुचि बढ़ने के बाद इस समूह का प्रभाव पहले से ज्यादा मजबूत माना जा रहा है।
नई दिल्ली में होने वाले इस Summit को लेकर तैयारियां भी तेज हो गई हैं। सुरक्षा से लेकर कूटनीतिक व्यवस्थाओं तक हर स्तर पर विशेष तैयारी की जा रही है।
फिलहाल दुनिया की नजर अब भारत में होने वाली इस बड़ी बैठक पर टिकी हुई है, जहां कई वैश्विक मुद्दों पर महत्वपूर्ण फैसले और चर्चाएं होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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संजना झा पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं। वर्तमान में वह हिंदी माइक में बतौर असिस्टेंट एडिटर कार्यरत हैं। उन्हें समसामयिक घटनाएँ, राजनीति एवं लाइफस्टाइल जैसे विषयों में गहरी समझ और लेखन का व्यापक अनुभव प्राप्त है। अपनी खोजपरक दृष्टि, तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विषयों की गहराई तक पहुंचने की शैली के लिए वह जानी जाती हैं।
ज्वाइनिंग डेट: 16 अगस्त 2025

