दही-चूड़ा भोज बना चर्चा का विषय, तेजप्रताप ने तेजस्वी पर दिया बयान
बोले– छोटे भाई हैं, थोड़ा देर से उठते हैं, आने की पूरी उम्मीद
बिहार की राजनीति में एक बार फिर लालू परिवार से जुड़ा बयान चर्चा में है। इस बार मामला दही-चूड़ा भोज से जुड़ा है, जिसमें नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की मौजूदगी को लेकर सवाल उठे। इस पर राजद नेता और पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव ने मजाकिया लेकिन सियासी मायने वाला जवाब दिया है।
तेजप्रताप यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि दही-चूड़ा भोज के लिए तेजस्वी यादव को न्यौता भेज दिया गया है। उन्होंने हंसते हुए कहा, “वो हमारे छोटे भाई हैं, थोड़ा लेट से सोकर उठते हैं।” तेजप्रताप का यह बयान भले ही हल्के-फुल्के अंदाज में दिया गया हो, लेकिन इसके कई राजनीतिक संकेत निकाले जा रहे हैं।
दरअसल, मकर संक्रांति के मौके पर बिहार की राजनीति में दही-चूड़ा भोज का खास महत्व माना जाता है। हर साल इस मौके पर बड़े नेता अपने समर्थकों और सहयोगियों को दही-चूड़ा खिलाकर शक्ति प्रदर्शन करते हैं। ऐसे में तेजप्रताप यादव के आयोजन में तेजस्वी यादव की मौजूदगी या गैरमौजूदगी को लेकर मीडिया और सियासी गलियारों में खासा ध्यान दिया जा रहा है।
तेजप्रताप यादव ने यह भी साफ किया कि परिवार में किसी तरह की कोई नाराजगी नहीं है। उन्होंने कहा कि परिवार एकजुट है और सभी लोग अपने-अपने कामों में व्यस्त रहते हैं। तेजप्रताप ने इशारों-इशारों में यह भी बताया कि राजनीति में अलग-अलग जिम्मेदारियों के चलते कई बार समय का तालमेल नहीं बैठ पाता, लेकिन इसका मतलब मतभेद नहीं होता।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि तेजप्रताप का यह बयान विपक्ष और मीडिया में चल रही उन अटकलों को शांत करने की कोशिश है, जिनमें लालू परिवार के भीतर मतभेद की बातें कही जा रही थीं। तेजस्वी यादव फिलहाल बिहार की राजनीति का प्रमुख चेहरा हैं और उनके हर कदम पर नजर रखी जाती है।
दही-चूड़ा भोज जैसे सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों को बिहार की राजनीति में रिश्तों और ताकत का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में तेजप्रताप यादव का यह बयान साफ करता है कि राजद नेतृत्व यह संदेश देना चाहता है कि पार्टी और परिवार दोनों स्तर पर एकजुटता बनी हुई है। अब देखना होगा कि तेजस्वी यादव इस भोज में शामिल होते हैं या नहीं, लेकिन फिलहाल तेजप्रताप के बयान ने सियासी माहौल में हल्की-सी गर्माहट जरूर पैदा कर दी है।

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संजना झा पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं। वर्तमान में वह हिंदी माइक में बतौर असिस्टेंट एडिटर कार्यरत हैं। उन्हें समसामयिक घटनाएँ, राजनीति एवं लाइफस्टाइल जैसे विषयों में गहरी समझ और लेखन का व्यापक अनुभव प्राप्त है। अपनी खोजपरक दृष्टि, तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विषयों की गहराई तक पहुंचने की शैली के लिए वह जानी जाती हैं।
ज्वाइनिंग डेट: 16 अगस्त 2025

