अमेरिका ने दिखाई आंख तो तालिबान ने ढंग से समझा दिया!

बगराम एयरबेस को लेकर ट्रंप की धमकी पर तालिबान ने दिया सख्त जवाब, कहा— अफगानिस्तान की संप्रभुता से कोई समझौता नहीं होगा।

नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को अफगानिस्तान को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि अगर बगराम एयरबेस अमेरिका को वापस नहीं दिया गया, तो अंजाम ठीक नहीं होंगे। ट्रंप ने ये तक कह दिया कि एयरबेस को फिर से कब्जे में लेने के लिए फौज भेजने से भी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा बताते हुए अफगान नेतृत्व पर भी निशाना साधा।

तालिबान का पलटवार

वहीं, रविवार को तालिबान सरकार ने ट्रंप के बयान को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने साफ कहा कि बगराम एयरबेस पर दोबारा कब्जा करने की अमेरिकी कोशिश की कोई सच्चाई नहीं है। जब अमेरिका अफगानिस्तान से गया था, तभी से ये बड़ा सैन्य अड्डा तालिबान के कंट्रोल में है। तालिबान ने इसे देश की संप्रभुता से जुड़ा मामला बताया।

क्यों खास है बगराम एयरबेस

बगराम एयरबेस वो जगह है जहाँ करीब दो दशक तक अमेरिकी फौज का सबसे बड़ा अड्डा था। अब ये साफ नहीं है कि अमेरिका और अफगान सरकार के बीच इस मुद्दे पर कोई बातचीत हुई है या नहीं। लेकिन ट्रंप ने हिंट दिया कि तालिबान शायद अमेरिकी सेना को दोबारा अफगानिस्तान में एंट्री देने पर राज़ी हो सकता है। इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच तनातनी और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

तालिबान ने लगाई अमेरिका को फटकार

तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने ट्रंप के दावों को नकारते हुए अमेरिका को हकीकत समझने की नसीहत दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर लिखा कि अफगानिस्तान की विदेश नीति अब इकॉनमी बेस्ड है और वो दुनिया के हर देश से बराबरी और साझा हितों पर रिश्ता बनाना चाहता है।साथ ही उन्होंने कहा कि हर मीटिंग में अमेरिका को साफ बताया गया है कि अफगानिस्तान की आजादी और इलाकाई अखंडता सबसे अहम है। अफगानियों ने अपने इतिहास में कभी भी अपनी सरज़मीं पर विदेशी फौज की मौजूदगी को नहीं माना — और ना आगे मानने का इरादा है।

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