ट्रम्प का बड़ा बयान: यूक्रेन को टॉमहॉक देने पर उठे सवाल
ट्रम्प ने ओवल ऑफिस से कहा — युद्ध बढ़ोतरी नहीं होनी चाहिए, पुतिन ने चेतावनी दी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ओवल ऑफिस में सोमवार को कहा कि अगर टॉमहॉक मिसाइलें यूक्रेन को दी जाती हैं, तो उन्हें यह जानना होगा कि यूक्रेन उन मिसाइलों का क्या उपयोग करेगा। ट्रम्प ने दोहराया कि वे रूस-यूक्रेन युद्ध में किसी भी तरह की तनाववृद्धि नहीं चाहते और युद्ध समाप्त होना चाहिए।
जब पत्रकारों ने पूछा कि क्या मिसाइलें सीधे यूक्रेन को दी जाएँगी या NATO के ज़रिये बेची जाएँगी, तो ट्रम्प ने कहा, “मैं जानना चाहता हूँ कि वे इन मिसाइलों का क्या करेंगे — इन्हें कहां भेजेंगे? यह सवाल पूछना जरूरी है। यह युद्ध शुरू ही नहीं होना चाहिए था; दोनों पक्षों के फैसलों ने नुकसान किया है। मैं किसी भी तरह की बढ़ोतरी नहीं देखना चाहता।”
टॉमहॉक क्या हैं — तकनीकी विवरण और क्षमता
टॉमहॉक लंबी दूरी की सब-सोनिक क्रूज मिसाइल है, जिसे अमेरिकी नौसेना सटीक भेदी हमले के लिए उपयोग करती है। इन्हें जहाजों, पनडुब्बियों या ग्राउंड-लांचरों से छोड़ा जा सकता है। इसकी रेंज लगभग 1,250 से 2,500 किलोमीटर तथा गति लगभग 880 किमी/घंटा बताई जाती है। आधुनिक वर्ज़न ब्लॉक-IV फ्लाइट के दौरान लाइव टारगेट डेटा भेज सकता है और फ्लाइट में लक्ष्य बदलने की क्षमता रखता है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि टॉमहॉक के वॉरहेड कठोर सैन्य ढाँचों को भेदने की क्षमता रखते हैं और ये रडार से बचते हुए कम ऊँचाई पर उड़ते हैं, जिससे इन्हें उपयोग में अपनाना रणनीतिक रूप से संवेदनशील माना जाता है। वर्तमान में ये मिसाइलें केवल अमेरिकी रक्षा ठेकेदार RTX के द्वारा निर्मित की जाती हैं।
संभावित कूटनीतिक असर और पुतिन की प्रतिक्रिया
अल्ज़ीरा के संवाद और वैश्विक रिपोर्टों के अनुसार, अगर टॉमहॉक यूक्रेन को दिए गए तो यह अमेरिका-रूस संबंधों में ठंडक पैदा कर सकता है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 2 अक्टूबर को कहा था कि टॉमहॉक की आपूर्ति रिश्तों के लिए “हानिकारक” होगी और इससे संघर्ष के नए, खतरनाक चरण की शुरुआत हो सकती है। पुतिन ने चेतावनी दी कि इन मिसाइलों का इस्तेमाल अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप के संकेत के समान होगा और इससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।
ट्रम्प का रुख और अगले कदम
ट्रम्प ने स्पष्ट किया है कि वे किसी भी तरह की वृद्धि नहीं चाहते और निर्णय लेते समय वे यूक्रेन द्वारा मिसाइलों के उपयोग के इरादों को समझना चाहेंगे। वैश्विक दीर्घकालिक असर, NATO की भूमिका और मास्टर-डिस्ट्रिब्यूशन विकल्पों पर अगले दिनों नई चर्चाएँ और कूटनीतिक समीक्षाएँ होने की संभावना है।
(Source: ANI)

Author
संजना झा पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं। वर्तमान में वह हिंदी माइक में बतौर असिस्टेंट एडिटर कार्यरत हैं। उन्हें समसामयिक घटनाएँ, राजनीति एवं लाइफस्टाइल जैसे विषयों में गहरी समझ और लेखन का व्यापक अनुभव प्राप्त है। अपनी खोजपरक दृष्टि, तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विषयों की गहराई तक पहुंचने की शैली के लिए वह जानी जाती हैं।
ज्वाइनिंग डेट: 16 अगस्त 2025

